
Madhya Pradesh Weather Forecast : मध्य प्रदेश के 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है लेकिन नए वेदर सिस्टम बनने से अन्य जिलों से मानसून की विदाई एक सप्ताह के लिए तक टल गई है। फिलहाल 3 अक्टूबर तक प्रदेश के दक्षिण पश्चिम व पूर्वी जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।अगले वाले 24 घंटों में प्रदेश के पूर्वी संभागों में बारिश होने का अनुमान है, शेष संभागों में मौसम शुष्क रहेगा।बता दे कि एमपी में अब तक 45.1 इंच बारिश हो चुकी है । पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है।
1 अक्टूबर को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम
- दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा पूर्व, वेरावल, भरूच, उज्जैन, झाँसी, शाहजहाँपुर और पूर्व से होकर गुज़र रही है। सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र, खंभात की खाड़ी और निकटवर्ती क्षेत्रों पर अवस्थित है और इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर की ऊंचाई परसक्रिय है एवं ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। इसके सौराष्ट्र से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने और 1 अक्टूबर के आसपास उत्तर-पूर्व अरब सागर में सक्रिय होकर एक अवदाब में परिवर्तित होने की संभावना है।
- एक ट्रफ़, खंभात की खाड़ी और निकटवर्ती क्षेत्रों पर बने सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र से दक्षिण गुजरात, विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण ओडिशा, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर विस्तृत है।एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 1.5 से 5.8 किमी की ऊंचाई के मध्य सक्रिय है, जो ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। एक अन्य ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण 30 सितंबर को उत्तरी अंडमान सागर में सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 1 अक्टूबर के आसपास उत्तरी और संलग्न मध्य बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है।
आज मंगलवार को इन जिलों में बारिश
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, इंदौर, देवास, मंडला, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में हल्की बारिश
इन जिलों से मानसून विदा
अबतक मध्य प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इसमें उज्जैन, राजगढ़,अशोकनगर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन शामिल हैं।हलांकि अन्य जिलों से फिलहाल मानसून की विदाई नहीं होगी। नया वेदर सिस्टम बनने से मानसून की वापसी के लिए परिस्थिति अनुकूल नहीं है।
Madhya Pradesh: 1 जून से 29 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा
- मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है।
- एमपी में अब तक 45.1 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
- सबसे कम बारिश वाले जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।
- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
- इस बार गुना में सबसे ज्यादा 65.6 इंच पानी गिर चुका है। रायसेन में 61.1 इंच, मंडला में 60.5 इंच, श्योपुर में 56.6 इंच और अशोकनगर में 56 इंच बारिश हो चुकी है।
MP Weather Forecast Till 3 October

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

