OPS 2023: कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर अपडेट, CM का बड़ा बयान, जानें लाभ मिलेगा या नहीं?

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OLD PENSION SCHEME 2023: आगामी चुनावों से पहले देशभर में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक तरफ सरकारी कर्मचारी इसकी बहाली की मांग कर रहे है और एक के बाद एक कांग्रेस शासित राज्यों में इसे लागू भी किया जा रहा है। वही दूसरी तरफ बीजेपी और आयोगों के अध्यक्षों द्वारा इससे होने वाले नुकसान पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब सीएम मनोहरलाल खट्टर का बड़ा बयान सामने आया है।

मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम खट्टर ने कहा कि मुझे एक वॉट्सएप ग्रुप में केंद्र सरकार के एक अधिकारी का मैसेज पढ़ने को मिला, जिसमें अधिकारी ने लिखा था कि पुरानी पेंशन योजना अगर लागू होती है तो साल 2030 तक देश दिवालिया हो जाएगा। उन्होंने अपने बयान में साफ कर दिया है कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की जाएगी।बता दे कि हाल ही में योजना आयोग और वित्त आयोग की भी इस पर टिप्पणी आई थी । वही आरबीआई ने भी राज्यों को ओपीएस पर चेताया था।

राजस्थान भी पीछे हट रहा

सीएम् ने कहा कि अगर ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू कर दिया तो साल 2030 तक देश दिवालिया हो जाएगा। संसद के बिना अब ओल्ड पेंशन स्कीम को अब कोई लागू नहीं कर सकता है, यहां तक कि इस योजना पर राजस्थान सरकार भी पीछे हट गई है। अर्थशास्त्रियों का हवाला देते हुए कहा कि जो भी प्रदेश पुरानी पेंशन योजना लागू करेगा वह बर्बाद हो जाएगा। इसीलिए अब राजस्थान भी इसे लागू करने से पीछे हट रहा है यानी ओल्ड पेंशन स्कीम अब सिर्फ राजनीतिक घोषणा ही बची है।

पूर्व पीएम की तारीफ

सीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी जिक्र किया और उन्हें एक अच्छा अर्थशास्त्री बताते हुए कहा कि साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी संसद में दिए एक बयान में पुरानी पेंशन योजना का विरोध किया था, ओपीएस को लेकर मनमोहन सिंह का मानना था कि आने वाले समय में लोगों को रोजगार और कर्मचारियों को वेतन देने के चलते यह संभव नहीं है, अगर पेंशन दी गई तो सभी काम रोकने पड़ेंगे। मनमोहन सिंह एक महान अर्थशास्त्री हैं और उन्होंने कहा था पुरानी पेंशन योजना भारत को पिछड़ा बना देगी, क्योंकि इस योजना का दृष्टिकोण अदूरदर्शी है।

कर्मचारी आंदोलनरत

बता दे कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बाद से ही देशभर में इसकी बहाली की मांग तेज हो चली है। पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर हरियाणा में कर्मचारी पहले से ही आंदोलनरत हैं। कर्मचारियों की ओर से 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का दबाव बनाया जा रहा है, ऐसे में सीएम के इस बयान से लाखों कर्मचारियों को झटका लगा है।इधर, हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ द्वारा घोषणा की गई है कि कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने के लिए राज्य में बड़ा आंदोलन करेंगे।

आज से धरने पर रोडवेज कर्मचारी

सरकारी कर्मचारियों के अलावा हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने भी पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा में 20 फरवरी से शुरू होने जा रहे बजट सत्र से पहले आज से रोडवेज के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अभियान शुरू करेंगे और फिर इसी सप्ताह से विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। रोडवेज के सभी ड्राइवर और कंडक्टर अपने-अपने डिपो पर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की मांग को लेकर धरना देंगे। अन्य मांगों को लेकर 14 फरवरी से राज्य व्यापी आंदोलन की कर्मचारी शुरुआत करेंगे।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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