राहुल गांधी ने लोकसभा में उठाया वायु प्रदूषण का मुद्दा, चर्चा की मांग, कहा “ब्लेम-गेम की जगह प्रोडक्टिव बहस हो”

बढ़ते वायु प्रदूषण को गंभीर राष्ट्रीय चुनौती बताते हुए उन्होंने सदन में इस पर व्यापक और समाधान आधारित चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का असर बच्चों से लेकर आम नागरिकों तक सभी पर पड़ रहा है, इसलिए दलगत राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप से हटकर समाधान की दिशा में ठोस बहस जरूरी है। राहुल गांधी ने दीर्घकालिक कार्ययोजना और राज्यों-केंद्र के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है।
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Privilege Notice Against Rahul Gandhi

शुक्रवार को राहुल गांधी ने लोकसभा में वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया। इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट बताते हुए उन्होंने सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का विषय किसी एक राज्य या राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के नागरिकों के जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपील की कि इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर समाधान के लिए बहस की जाए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि देश की राजधानी सहित कई शहरों में AQI लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है और इस समस्या के समाधान के लिए 5 से 10 साल की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ समन्वित प्रयास करते हुए प्रदूषण नियंत्रण पर ठोस कदम उठाए।

राहुल गांधी ने की संसद में प्रदूषण पर चर्चा की मांग 

राहुल गांधी ने प्रदूषण के मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा की मांग करते हुए कहा कि इसपर आरोप-प्रत्यारोप की जगह सकारात्मक बहस हो। इस विषय पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “मैंने दिल्ली और कई शहरों के प्रदूषण की बात की है। ये ऐसा मुद्दा है जिसपर सारी पार्टियां सहमत हो सकती हैं कि हमारे बच्चे..हमारा भविष्य इससे प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण लोगों का नुकसान पहुंचा रहा है, बीमारियां हो रही है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मैंने सुझाव दिया है कि हमें सदन में प्रदूषण पर चर्चा करनी चाहिए। आमतौर पर ब्लेम गेम चलता है। पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाता है। लेकिन इस विषय पर सहमति के साथ चर्चा की जाए कि हम भविष्य की बात करेंगे। इस समस्या को कैसे हल किया जाए उसपर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञों की भी राय लेंगे और देश को बताएंगे कि हम साझा रूप से प्रदूषण पर काम कर सकते हैं।” राहुल गांधी ने सदन में चल रही अन्य बहसों का संदर्भ देते हुए कहा कि वंदेमातरम और एसआईआर जैसे मुद्दों पर तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन प्रदूषण एक ऐसा विषय है जिसपर उग्र बहस की जगह प्रोडक्टिव डिबेट होनी चाहिए।

सरकार ने चर्चा के लिए सहमति जताई

कांग्रेस की इस मांग पर सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण पर बहस का प्रस्ताव बिजनेस एडवाइजरी कमेटी को भेजा गया है। प्रक्रिया के अनुसार जैसे ही कमेटी समय निर्धारित करेगी, सदन में इस पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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