राज्य सरकार का बड़ा फैसला, अब इन कर्मचारियों को भी मिलेगा ओपीएस का लाभ, ये रहेंगे नियम, जून तक चुन सकेंगे विकल्प

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Rajasthan Old Pension scheme : राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला किया है, इसके तहत अब नगर निगम, यूआईटी, बिजली कंपनियां या अन्य निगम), राजकीय उपक्रम और विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। ओपीएस (OPS) लागू करने के निर्णय के संबंध में कार्मिक विभाग राजस्थान ने आदेश जारी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओपीएस का लाभ लेने के लिए इन कर्मचारियों को विकल्प भरने का ऑप्शन दिया जाएगा। इसके तहत इन यूनिट्स या संस्थाओं में काम करने वाले या रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को ओपीएस का फायदा लेना है तो वह वित्त विभाग के जारी फॉर्मेट को भरकर अपने संबंधित विभाग में 30 जून तक जमा करवा सकते है। इसके अलावा सेवानिवृत कर्मचारियों को राशि जमा करवाने के लिए समय 15 जुलाई तक दिया जाएगा।

30 जून तक जमा करनी होगी राशि

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त विभाग से जारी आदेशों के मुताबिक, जिन संस्थाओं में पुरानी पेंशन स्कीम का फायदा नहीं मिलता है उन संस्थाओं को जीपीएफ लिंक पेंशन स्कीम लागू करने के लिए नए नियम बनाकर पेंशन निधि का गठन करना होगा और इन संस्थाओं को पेंशन निधि की राशि राज्य सरकार के पीडी खाते में जमा करवानी होगी। रिटायर्ड कर्मचारी को सीपीएफ या ईपीएफ़ के नियोक्ता अंशदान की पूरी राशि संबंधित संस्था की पेंशन निधि में उसकी प्राप्ति की तिथि से पेंशन निधि में जमा कराने की तिथि तक देय 12 प्रतिशत ब्याज समेत 30 जून 2023 तक जमा करानी होगी।

ये रहेंगे नियम, इस तरह मिलेगा लाभ

  1. इन ऑटोनोमस बॉडी में काम करके रिटायर्ड हुए जिन कर्मचारियों ने ईपीएफ (EPF) या सीपीएफ से एकमुश्त राशि उठा ली है, लेकिन  अब पुरानी पेंशन का लाभ लेन चाहते हैं तो विकल्प फार्म भरकर देना होगा। ईपीएफ या सीपीएफ से जो एकमुश्त राशि रिटायरमेंट के बाद उठाई है, उसे 12 फीसदी ब्याज के साथ जमा करवानी होगी।
  2. जिन संस्थाओं में पहले से ही GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू है और पेंशन निधि गठित है, उन्हें नई पेंशन निधि गठित करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशन निधि राज्य सरकार के पीडी खाते में ही जमा हो। यदि पेंशन निधि राज्य सरकार के पीडी खाते के अलावा कहीं और जमा है, तो उसे राज्य सरकार के पीडी खाते में जमा किया जाएगा।
  3. सभी संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू की जाएगी। संबंधित संस्था राज्य सरकार के पुरानी पेंशन योजना लागू करने के आदेश और इसे संबंधित संस्था में लागू करने के निर्णय से EPF के सक्षम स्तर को अप्रूवल के लिए भिजवाया जाएगा।
  4. जिन कार्मिकों द्वारा CPF/ EPF के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना का विकल्प दे दिया है और स्वीकार कर लिया जाता है, तो उनकी एम्प्लॉयर अंशदान के रूप में कोई भी कटौती CPF/ EPF योजना के अन्तर्गत नहीं करेगी।
  5. जिन संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू नहीं है, उनके द्वारा पुरानी पेंशन योजना के लिए GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू करने के लिए नियम बनाकर पेंशन निधि का गठन किया जाएगा और इन संस्थाओं के स्तर से भी पेंशन निधि राज्य सरकार के पीडी खाते में ही जमा की जाएगी।
  6. जिन संस्थाओं में कार्मिकों की संख्या बहुत कम है। जिसके कारण अलग से पेंशन निधि का गठन और संचालन करना व्यवहारिक न हो, उन संस्थाओं के संबंध में संबंधित प्रशासनिक विभाग अपने स्तर से किसी एक संस्था (राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की तरह) को सभी संस्थाओं के लिए GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू करने और उसके मुताबिक अधिकृत संस्था के स्तर पर पेंशन निधि के गठन और संचालन के लिए अधिकृत कर सकते हैं।
  7. GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम के अन्तर्गत कार्मिकों के जीपीएफ खाते के मामले में राज्य सरकार की ओर से बोर्ड, निगम आदि को मंहगाई भत्ता और तदर्थ बोनस, एक्स-ग्रेसिया की राशि के आदेशों में यह शर्त शामिल थी कि नकद भुगतान के अलावा एरियर
  8. राशि में ” सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB)” में ट्रांसफर की जायेगी। ” सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB)” की कटौती का प्रावधान राजस्थान राज्य कर्मचारी सामान्य प्रावधायी निधि नियम -2021 ” के अन्तर्गत है। ऐसी स्थिति में सभी संस्थाओं के कार्मिकों के” सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB) ” के खाते राज्य बीमा और सामान्य प्रावधायी निधि विभाग में पहले से ही मेंटेन किए जा रहे हैं।
  9. भविष्य में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम के अन्तर्गत कार्मिकों के जीपीएफ खाते ” राजस्थान राज्य कर्मचारी सामान्य प्रावधायी निधि नियम -2021 ” के अन्तर्गत गवर्न होंगे। इसके लिए जिन संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू है, उन संस्थाओं में GPF से सम्बन्धित विनियमों में आवश्यक संशोधन कर कार्मिक अंशदान की राशि” सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB) ” में जमा कराने का प्रावधान किया जाएगा।
  10. जिन संस्थाओं में GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू नहीं है उनके द्वारा GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम लागू करने और” सामान्य प्रावधायी निधि सैय (GPF-SAB)” में राशि जमा कराने के लिए नियम बनाकर प्रावधान किया जाएगा।
    सामान्य बीमा और प्रावधायी निधि विभाग ” सामान्य प्रावधायी निधि सैब (GPF-SAB)” में कार्मिकों की राशि जमा करने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं और प्रक्रियाएं तय करेगा।
  11. पुरानी पेंशन योजना हेतु विकल्प के तहत संस्था के स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियां और GPF लिंक्ड पेंशन स्कीम संशोधनों सहित लागू होने पर सेवानिवृत्त कार्मिकों और सेवारत कार्मिकों से पुरानी पेंशन के लिए सेट परफॉर्मा संबंधित संस्था के ऑथोराइज्ड अफसर को 30 जून 2023 तक पुरानी पेंशन योजना के पुनर्विकल्प या विकल्प के लिए आवेदन पेश किए जा सकेंगे।
  12. रिटायर्ड कर्मचारी की ओर से एक बार दिया गया पुनर्विकल्प या विकल्प आवेदन फाइनल होगा और निर्धारित तारीख तक विकल्प नहीं किया जाता है, तो यह माना जाएगा कि वह सीपीएफ या ईपीएफ सदस्य बने रहना चाहता है।
  13. सेवा से निष्कासित सेवा से हटाए गए सेवा से त्यागपत्र देने वाले कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना के विकल्प की सुविधा नहीं होगी।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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