OPS Update: पुरानी पेंशन योजना पर अपडेट, कर्मचारियों ने की जल्द लागू करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी, संसद घेराव की तैयारी

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OLD PENSION SCHEME 2023 : आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले देशभर में पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग दिनों दिन तेज होती जा रही है। राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में ओपीएस लागू होने के बाद अब केन्द्रीय कर्मचारियों भी ओपीएस को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। 2024 से पहले पांच लाख NPS कर्मचारी अब संसद का घेराव करने की तैयारी है, इसके लिए नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन’ (NJCA) ने नई रणनीति बनाई है।

देश में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। संगठनों ने एनपीएस खत्म कराने और ओपीएस का लाभ दिलाने के लिए बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। हाल ही में 21 जनवरी को नई दिल्ली में हुई ‘नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन’ (एनजेसीए) की नेशनल कन्वेंशन की बैठक में फैसला लिया गया कि अगर केंद्र सरकार ने ओपीएस बहाल नहीं की तो मानसून सत्र के दौरान संसद का घेराव किया जाएगा।

चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी

एनजेसीए का कहना है कि इसमें केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्यों के लगभग पांच लाख एनपीएस कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।। इस दौरान कर्मचारी संगठन, देश के विभिन्न हिस्सों में पदयात्राएं भी निकालेंगे। अगर केंद्र ने 2024 से पहले ओपीएस लागू करने की घोषणा नहीं की तो भाजपा को लोकसभा चुनाव में राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी।इसके बाद 10 फरवरी से 20 फरवरी तक हस्ताक्षर युक्त ऑनलाइन पिटिशन अभियान प्रारंभ किया जाएगा।

कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए केंद्रीय कर्मियों के लिए एनपीएस (NPS) लागू हुई और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग तिथियों पर इसे लागू कर र‍िटायर होने वाले कर्मियों के लिए इसे नुकसानदायक बना दिया, यद‍ि सरकार ने उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की तो वे संसद के मानसून सत्र के दौरान जुलूस निकालेंगे।

ऐसे चलेगा पूरा आंदोलन

संगठनों का कहना है कि अगर दो दिन बाद 26 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी, दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पैरामिलिट्री फोर्स में पुरानी पेंशन बहाली के फैसले का सम्मान करते हुए इन बलों में ओपीएस लागू करने की घोषणा करें। अगर केंद्र सरकार, दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एतिहासिक फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाती है, तो 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों में काफी निराशा का माहौल बनेगा। वही देश में एनपीएस हटाओ, पुरानी पेंशन बहाल करो, अब इस आंदोलन को तेजी से बढ़ाया जाएगा, इसके लिए नुक्कड़ सभाएं, मशाल जुलूस और जिला स्तरीय पद यात्राओं का सिलसिला शुरू होगा।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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