World Olympic Day: जानिए 8वीं शताब्दी से लेकर अब तक के दिलचस्प फैक्ट्स, उड़ा देंगे आपके होश

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। आज है World Olympic Day जिसे पहली बार वर्ष 1948 में मनाया गया था। मॉडर्न ओलंपिक्स (modern olympics) का जन्म जो कि 23 जून 1894 को पैरिस (paris) में हुआ था उसकी याद में इस दिन को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है खेलों के प्रति लोगों की रुचि को और बढ़ाना और इन खेलों में बिना किसी उम्र, लिंग और शारीरिक क्षमता की परवाह किये बगैर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित (encourage) करना।

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पिछले 20 वर्षों में 23 जून को मनाए जाने वाले world olympic day की बदौलत विश्व के हर कोने तक ओलंपिक के आदर्शों को पहुंचाया जा चुका है। olympic day में अपनी सहभागिता दिखाने के लिए आप नेशनल ओलंपिक कमेटी (national olympic committee) द्वारा आयोजित की जा रही गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं। आइए जानते हैं ओलंपिक्स के बारे में कुछ ऐसे दिलचस्प किस्से जो आपके होश उड़ा देंगे:

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● दुनिया मे सबसे पहले ओलंपिक गेम 8वीं शताब्दी बी.सी. में ग्रीस के ओलंपिया में खेले गए थे।इसके बाद 12 दशकों तक इन खेलों का आयोजन हर 4 साल में होता रहा। फिर चौथी शताब्दी ए.डी. में एम्परर थियोडोसीयस ने इन खेलों पर रोक लगा दी

● हालांकि ,1500 साल बाद 1896 में ग्रीस में पहला मॉडर्न ओलंपिक आयोजित हुआ।

● प्राचीन ग्रीस में खिलाड़ी स्पॉन्सरशिप, फैशन और कवच के बिना ही निर्वस्त्र होकर खेल खेलते थे।

● पुराने समय में इन खेलों का आयोजन लगभग 6 महीने तक होता था

● सन 1900 से माहिला खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों में भाग लेने की अनुमति मिली

● सन 1924-1992 तक शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन ओलंपिक एक ही साल में होते थे। अब ऐसा नहीं होता है

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● अब तक केवल 4 खिलाड़ियों ने दोनों शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में पदक हांसिल किये हैं।

● 2012 के लंदन ओलंपिक्स के दौरान मात्र 2 हफ़्तों के अंदर 165,000 से ज़्यादा तौलियों का इस्तेमाल हो गया था।

● ओलंपिक खेलों की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। इसी के साथ इसमें मेज़बान देश की भाषा भी शामिल है।

● टार्ज़न ने भी ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया है। जॉनी वेसमुलर जो कि पहले खिलाड़ी थे बाद में वे एक्टर बन गए थे। इन्होंने 12 फिल्मों में टार्ज़न का किरदार निभाया और 1920 से लेकर 10 सालों में इन्होंने स्विमिंग प्रतियोगिता में इन्होंने 5 गोल्ड मेडल जीते।

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● 1912 से लेकर 1948 तक कलाकार भी ओलंपिक्स में हिस्सा लेते थे। पेंटर, संगतराश, आर्किटेक्ट, लेखक और संगीतज्ञ अपनी-अपनी विधा में कम्पीट करते थे।

● 1936 के बर्लिन ओलंपिक के दौरान 2 जापानी खिलाड़ियों के बीच सिल्वर पदक के लिए टाई हो गया था। इसके बाद उन्होंने दोबारा खेलने की जगह सिल्वर और ब्रॉन्ज पदक को आधा-आधा काट कर एक दूसरे में बांट लिया।

● ऐसी प्रथा है कि रिले टॉर्च और ओलंपिक से पहले जलाई गई आग को उन ओलंपिक खेलों की समाप्ति तक जलाए रखा जाएगा।

● 2012 के लंदन ओलंपिक के दौरान पहली बार ऐसा हुआ था कब सभी देशों ने महिला खिलाड़ियों को भेजा था।

● ओलंपिक खेलों की पहचान 5 रिंग्स को बैरन पियर दे कूबेरतीं ने डिजाइन किया था। ये ओलंपिक्स खेलों के श-संस्थापक भी है।
ये पांच रिंग्स या गोले उन पांच महाद्वीपों का चिह्न हैं जहां ओलंपिक्स खेले जाते हैं।

● ओलंपिक के चिह्न में चुने गए छः रंग नीला, पीला, काला, हरा और लाल इसलिए लिए गए क्योंकि ये रंग किसी न किसी देश के झंडे में आते हैं।

● अब तक 23 अलग-अलग देश ओलंपिक खेलों की मेजबानी कर चुके हैं।

● साउथ अमेरिका में पहली बार 2016 मे ओलंपिक खेलों का आयोजन रियो में हुआ था।

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