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“अगर रतन टाटा होते तो मुआवज़े में देरी न होती”, अमेरिकी वकील ने एयर इंडिया पर उठाए सवाल

Written by:Neha Sharma
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अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए पीड़ितों के परिजनों को मुआवज़ा देने में हो रही देरी को लेकर अमेरिका के वकील माइक एंड्रूज़ ने एयर इंडिया की आलोचना की है।
“अगर रतन टाटा होते तो मुआवज़े में देरी न होती”, अमेरिकी वकील ने एयर इंडिया पर उठाए सवाल

अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए पीड़ितों के परिजनों को मुआवज़ा देने में हो रही देरी को लेकर अमेरिका के वकील माइक एंड्रूज़ ने एयर इंडिया की आलोचना की है। एंड्रूज़, जो अमेरिका स्थित कानूनी फर्म बिस्ली एलन के एविएशन अटॉर्नी हैं, 65 से अधिक प्रभावित परिवारों का पक्ष रख रहे हैं। उनका कहना है कि यदि टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा जीवित होते, तो पीड़ितों को इतनी “नौकरशाही प्रक्रिया” से नहीं गुजरना पड़ता और मुआवज़ा समय पर मिल जाता।

अमेरिकी वकील ने एयर इंडिया पर उठाए सवाल

एंड्रूज़ ने रविवार को एएनआई से बातचीत में कहा कि रतन टाटा की कार्यशैली और विनम्रता ऐसी थी कि शोकग्रस्त परिवारों को इस तरह की अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया, “अमेरिका में भी हम जानते हैं कि रतन टाटा कौन थे। हम उनकी कार्य नीति, विनम्र स्वभाव और अपने कर्मचारियों की देखभाल के प्रति उनके दृष्टिकोण के बारे में सुन चुके हैं। अगर वे आज होते, तो न पीड़ितों, न कर्मचारियों, और न ही विमान व जमीन पर मौजूद अन्य लोगों को इस तरह की अमलदारी देरी झेलनी पड़ती।”

वकील ने एक परिवार का उदाहरण देते हुए कहा, “हमने एक वृद्ध मां से मुलाकात की, जो बिस्तर पर थीं और अपने बेटे पर निर्भर थीं। बेटे की मौत दुर्घटना में हो गई और उन्हें अब तक मुआवज़ा नहीं मिला। उनकी मां का हाल ही में निधन हो गया। अब वे लोग आगे कैसे बढ़ेंगे, यह सोचने पर मजबूर हैं, जबकि उनकी देखभाल करने वाला व्यक्ति किसी गलती के बिना मारा गया।”

इस हादसे में 65 से अधिक परिवारों ने अमेरिका की फेडरल कोर्ट में एयर इंडिया और विमान निर्माता बोइंग के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। यह याचिका कानूनी फर्म बिस्ली एलन के माध्यम से दाखिल की गई है। माइक एंड्रूज़ ने मामले की जांच के लिए अहमदाबाद के मेघनगर क्षेत्र में दुर्घटनास्थल का दौरा भी किया। 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI171 (बोइंग 787-8) अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 229 यात्री, 12 क्रू मेंबर और जमीन पर मौजूद 19 लोगकुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। 26 जुलाई को एयर इंडिया ने मृतकों में से 147 हवाई यात्रियों और 19 जमीनी पीड़ितों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवज़ा घोषित किया था।

Neha Sharma
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