भावनगर, गुजरात: चुनावी सरगर्मियों से दूर, गुजरात के भावनगर में एक ऐसा माहौल देखने को मिला जहां राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सुधार का संदेश गूंज रहा था। अवसर था 151 जरूरतमंद बेटियों के सामूहिक विवाह का, जिसमें आशीर्वाद देने के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विशेष रूप से पहुंचे। उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद थे।
यह आयोजन किसी राजनीतिक मंच की तरह नहीं, बल्कि एक पारिवारिक उत्सव जैसा था। केजरीवाल और मान ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाजी से परहेज किया और पूरा ध्यान सामाजिक सुधार के संदेश पर केंद्रित रखा।
दिखावे के खिलाफ एक सामाजिक अभियान
यह भव्य आयोजन वीर मंधाता कोली समाज संगठन द्वारा किया गया था। यह संगठन पिछले 12 वर्षों से लगातार जरूरतमंद और अनाथ बेटियों की शादी कराकर एक मिसाल पेश कर रहा है। अब तक इस संगठन के माध्यम से 2000 से अधिक बेटियों का घर बसाया जा चुका है। यह पहल सिर्फ एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि गुजरात के एक बड़े समाज को कर्ज और विवाह में होने वाले अनावश्यक दिखावे से बचाने का एक बड़ा अभियान है।
गुजरात में कोली समाज की एक बड़ी आबादी है, जो मुख्य रूप से खेती, मछली पकड़ने और मजदूरी जैसे कामों से जुड़ी है। अक्सर शादी-ब्याह के भारी खर्च के कारण कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं, उन्हें अपनी जमीन और जेवर तक बेचने पड़ते हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन इन परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी राहत बनकर सामने आते हैं।
शिक्षा और अवसरों पर केजरीवाल का जोर
मंच से संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने बेटियों की खुशी और परिवारों की जिम्मेदारियों पर जोर दिया। उन्होंने समाज से अपील की कि वे दिखावे और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों को खत्म करें। उन्होंने कहा, “अगर समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा और सही अवसर मिलें, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। हमारे प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।”
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह थी कि इसमें हर जाति और धर्म की बेटियां शामिल थीं, जो इसे केवल एक समाज का नहीं, बल्कि सर्वसमाज का कार्यक्रम बनाता है। आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की इस तरह के सामाजिक आयोजनों में उपस्थिति यह दर्शाती है कि पार्टी खुद को सिर्फ चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि समाज के सुख-दुख में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही है। यह आयोजन सामाजिक बदलाव की एक मजबूत झलक पेश कर गया।





