गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने 18 फरवरी बुधवार को 4 लाख 8 हजार 53 करोड़ रुपये का बजट 2026-27 (Gujarat Budget 2026-27) पेश कर दिया है। आदिवासी देवी कंसारी देवी की वारली पेंटिंग को बजट बुकलेट के तौर पर चुना गया है। यह पेंटिंग करीब 1200 साल पुरानी है। इस बार का बजट पांच स्तंभों पर आधारित है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, अंतर अवसंरचना सुविधाएं, आर्थिक गतिविधियों का विकास और ग्रीन ग्रोथ शामिल हैं।
छात्रों, युवाओं और किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई गई है। औद्योगिक और एमएसएमई के विकास पर भी जोर दिया गया है। बजट में नागरिकों प्रति व्यक्ति आय तीन लाख एक हजार रुपए तक पहुंचाने की जानकारी दी गई है। “सभी के लिए घर” के संकल्प के तहत इस साल 3000 से अधिक आवास उपलब्ध कराने के लिए 4272 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। VBGRAMG योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र के लिए घोषणाएं
लड़कों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की वार्षिक आय को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है। महिलाओं के प्रतिनिधित्व बढ़ावा देने के लिए राज्य की आईटीआई में पढ़ने वाली सभी लड़कियों के लिए नई स्कीम लॉन्च की गई है। जिसका “नमो कौशल्या लक्ष्मी योजना” है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है। स्टार्टअप के लिए सूरत, वडोदरा, मेहसाणा और राजकोट में i-हब रीजनल सेंटर बनाए जाएंगे। जिससे अहमदाबाद में बनाए गए इको सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 80 करोड़ रुपये प्रावधान का ऐलान किया गया है।
गांधीनगर में बनेगी भारत की सबसे बड़ी और मॉडर्न लाइब्रेरी
राज्य वित्त मंत्री ने भारत की सबसे बड़ी और आधुनिक “नमो सेंट्रल लाइब्रेरी” की घोषणा भी बजट में की है। जिसकी स्थापना गांधीनगर में होने वाली है। यहाँ छात्रों को पढ़ाई के लिए अलग-अलग प्रकार की डिजिटल सुविधाओं उपलब्ध करवाई जाएंगी। जिला और तालुका लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 128 करोड़ रुपये का प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा 4 स्मार्ट डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी के निर्माण की योजना भी सरकार बना रही है। आदिवासी इलाकों के सभी तालुकाओं में भगवान बिरसा मुंडा लाइब्रेरी बनाने के प्लान के तहत इस साल 15 तालुका में लाइब्रेरी बनाने का ऐलान किया गया है।
अन्य घोषणाएं भी जानें
- वर्ष 2026 को “गुजरात पर्यटन वर्ष” के तौर पर घोषित किया है। इससे राज्य के टूरिज्म सेक्टर को नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाया जाएगा।
- मंत्री ने एमएसएम ई यूनिट्स को प्रोत्साहित करने के लिए “आत्मनिर्भर गुजरात योजना” के तहत 1775 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।
- आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ाने के लिए पांच नए जीआईडीसी औद्योगिक संपदाओं की स्थापना करने की घोषणा की गई है।
- नर्मदा के पानी को शुष्क क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए सरकार ने 3046 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। अहमदाबाद के नलकांठा क्षेत्र के दूरस्थ गांव के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के 958 करोड़ रुपये का प्रवधान है।
- गौ माता पोषण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान घोषित किया गया है।
ગુજરાત સરકારના નાણાકીય વર્ષ 2026-27 માટેના અંદાજપત્રની ગુજરાત વિધાનસભા ખાતે પ્રસ્તુતિ.#ViksitGujaratBudgethttps://t.co/DHfBfnkAi3
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) February 18, 2026






