
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में रिकॉर्ड बहुमत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अब सहकारी क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अमूल डेयरी के चुनावों में बीजेपी ने पहली बार क्लीन स्वीप करते हुए निदेशक मंडल की 13 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस पार्टी, जो कभी गुजरात के सहकारी क्षेत्र की मजबूत ताकत मानी जाती थी, केवल दो सीटों पर सिमटकर रह गई। अमूल डेयरी का प्रबंधन कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के अधीन आता है और यहां बीजेपी का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक माना जा रहा है। कांग्रेस ने इस जीत पर बीजेपी पर छल और कपट के आरोप लगाए हैं।
10 सितंबर को हुए इन चुनावों में बीजेपी ने छह ब्लॉकों और एक व्यक्तिगत सदस्य की सीट पर स्पष्ट जीत दर्ज की। इससे पहले चार सीटें पार्टी निर्विरोध जीत चुकी थी। इस तरह कुल 11 सीटें बीजेपी के पास गईं। कांग्रेस ने केवल बोरसाद और कपड़वंज ब्लॉकों में जीत हासिल की। फरवरी 2023 में भी अमूल के चार निदेशक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे, जिससे कांग्रेस की स्थिति पहले ही कमजोर हो गई थी। 2020 के चुनावों में कांग्रेस ने 11 में से आठ सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार वह अपने पुराने प्रदर्शन से काफी पीछे रह गई।
इस चुनाव में बीजेपी को पहली बार मिला बहुमत
बीजेपी की जीत का अंतर भी उल्लेखनीय रहा। थसरा, बालासिनोर, मेहमदाबाद और वीरपुर ब्लॉकों में उसके उम्मीदवार निर्विरोध जीते। खंभात से उम्मीदवार राजेंद्रसिंह बलवंतसिंह परमार ने 65 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। पेटलाद में बीनाबेन तेजसकुमार पटेल को 83 में से 78 वोट मिले। वहीं नाडियाड से अमूल के पूर्व अध्यक्ष विपुलभाई कांतिभाई पटेल ने 83 में से 60 वोटों से जीत हासिल की। दूसरी ओर, कांग्रेस बोरसाद में 12 और कपड़वंज में 11 वोटों के मामूली अंतर से जीत सकी। यह नतीजे दिखाते हैं कि कांग्रेस की पकड़ यहां काफी कमजोर हो चुकी है।
इस जीत के बाद गुजरात में सहकारी राजनीति में बीजेपी का दबदबा और बढ़ गया है। अब राज्य के सभी 18 दुग्ध संघों पर बीजेपी का बहुमत है। अमूल डेयरी चुनावों में मिली यह सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुजरात दौरे से ठीक पहले आई है, जिससे पार्टी का मनोबल और बढ़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सहकारिता क्षेत्र में यह जीत बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि गुजरात की राजनीति में सहकारी संस्थाओं का खासा प्रभाव रहा है।
