गुना। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता जा रहा है। गुना के स्वतंत्रता पार्क में रविवार को जिले के सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं जुटे और TET परीक्षा के विरोध में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक के दौरान शिक्षकों ने TET का फॉर्म नहीं भरने की शपथ लेते हुए सरकार की नीति के खिलाफ संगठित तरीके से विरोध जारी रखने का संकल्प लिया।
बैठक में जुलाई 2018 से नई नियुक्ति वाले शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता और इससे जुड़े प्रभावों को लेकर नाराजगी जताई गई। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने दोबारा पात्रता साबित करने की शर्त रखना उचित नहीं है। उन्होंने पुरानी पेंशन समेत सेवा से जुड़े दूसरे मुद्दे भी उठाए।
20 सदस्यीय समिति बनाई, जंतर-मंतर आंदोलन की तैयारी
विरोध को आगे बढ़ाने के लिए बैठक में 20 सदस्यीय समिति गठित की गई। शिक्षकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की रणनीति भी बनाई।
शिक्षकों का कहना है कि TET से जुड़ी नीति के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर विरोध को एकजुट किया जाएगा। बैठक में तय किया गया कि शिक्षक TET का फॉर्म नहीं भरेंगे और दूसरे शिक्षकों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
क्रमोन्नति, एरियर और रुके वेतन का मुद्दा भी उठा
बैठक में TET के अलावा क्रमोन्नति आदेश, समयमान वेतनमान, एरियर भुगतान और जुलाई 2026 में ई-अटेंडेंस के कारण रुके वेतन जैसे स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए संगठन स्तर पर संयुक्त प्रयास करने की बात कही।
शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांग केवल TET तक सीमित नहीं है। सेवा शर्तों और लंबित मामलों को लेकर भी सरकार के सामने अपनी बात रखी जाएगी। बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।






