21 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में बड़ा खुलासा, 20 हजार से अधिक खातों में ट्रांसफर हुई राशि, देश भर में फैला नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन भी

पुलिस उन मूल 76 बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिसमें अशोक विजयवर्गीय ने 21.5 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की है इसके लिए उनके बैंकों को राज्य साइबर सेल ने मेल भेजे हैं।
Cyber ​​fraud

Cyber ​​fraud

ग्वालियर के वरिष्ठ सीए अशोक विजयवर्गीय के साथ निवेश के नाम पर हुई 21.5 करोड़ रुपये की प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मामले में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं, राज्य साइबर सेल की जाँच में देश के सबसे बड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अब तक की जाँच में सामने आया है कि ठगों ने 20507 म्यूल खातों में इस राशि को ट्रांसफर किया है, पुलिस को इस ठगी में देश के कई राज्यों के साथ साथ विदेशी कनेक्शन भी मिला है।

ज्यादा मुनाफे के लालच में 21.5 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का शिकार हुए चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उन्होंने दिसंबर 2025 स एलेकर जुलाई 2026 तक 7 महीनों में ऑनलाइन ट्रेडिंग करते हुए कई बैंक खातों में ट्रांजिक्शन किये हैं, उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई है, 10 जुलाई को शिकायत मिलते ही पुलिस ने एक्शन लेते हुए 2 करोड़ रुपये होल्ड करा लिए, यानि अशोक विजयवर्गीय के 2 करोड़ रुपये साइबर ठग ट्रांसफर कर पाते उससे पहले ही उन्हें बचा लिया गया।

देश के राज्यों में फैला नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन भी 

राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर के प्रभारी संजीव नयन शर्मा के मुताबिक जालसाजों ने ठगी की रकम को देशभर के 20,507 बैंक खातों में ट्रांसफर कर छिपा दिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि ठगों ने तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित लगभग हर राज्य में म्यूल अकाउंट्स का नेटवर्क तैयार कर रखा था। इनका नेटवर्क विदेशों में भी होना पाया गया है, डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि ठगों ने ठगी की रकम को करंट एकाउंट के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जो म्यूल खाते थे। जांच में अब तक 12 लेयर सामने आ चुकी है और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।

20,000 से अधिक म्यूल खातों में ट्रांसफर की गई राशि  

उन्होंने जानकारी दी कि पहली लेयर में 77 खाते, दूसरी लेयर में 700 खाते, तीसरी लेयर में 12,720 खाते और चौथी लेयर में 7,218 खाते में राशि ट्रांसफर की गई है यानि अब तक कुल चिन्हित म्यूल खातों की संख्या करीब 20,000 से अधिक है जिसमें 21.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं, उन्होंने कहा कि अभी और लेयर सामने आयेंगी पुलिस बारीकी से तकनीकी मदद से इसकी जाँच कर रही है।

दिव्या सिंह नामक युवती की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही

संजीव नयन शर्मा ने कहा इस पूरे मामले में दिव्या सिंह नामक युवती की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, उसने पहले अशोक विजयवर्गीय से दोस्ती कर उनका विश्वास जीता, और फिर यूएसडीटी तथा बीटीसी में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच दिया, शुरुआत में उन्हें मुनाफा हुआ जिसे देखकर वो लगातार पैसा लगाते देकर उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसा दिया, पुलिस जाँच में सामने आया है कि महिला का नाम भी असली नहीं है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews