पूर्व मंत्री का बड़ा खुलासा, इसलिए सिंधिया ने किया शिवराज से सौदा

पूर्व मंत्री का बड़ा खुलासा, इसलिए सिंधिया ने किया शिवराज से सौदा

ग्वालियर। अतुल सक्सेना| ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) जब से भाजपा (BJP) में गए हैं तभी से कांग्रेस (Congress) उनके ऊपर हमलावर है। पूर्व मंत्री, वरिष्ठ विधायक एवं सिंधिया के धुर विरोधी डॉ गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सिंधिया ने प्रदेश में करोड़ों रुपये कि जमीनें हड़पी हैं और अब उसे बचाने के लिये शिवराज के साथ सौदा किया है। सिंधिया को अपने अवैधानिक कृत्य छिपाने के लिए सरकार का संरक्षण चाहिए। इसलिए भाजपा में गए हैं।

ग्वालियर में अपने निवास पर चुनिंदा पत्रकारों से बात करते हुए डॉ गोविंद सिंह ने सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाए। शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में देरी और अब विभाग के बंटवारे में हो रही देरी के सवाल पर गोविंद सिंह ने कहा कि जहाँ जहाँ सिंधिया के पैर पड़ेंगे वहाँ वहाँ बंटाढार ही होना है, कांग्रेस में रहे तो ब्लैक मेल करते रहे। अब अपनी जमीन जायदाद, प्रोपर्टी को बचाने, अवैधानिक कृत्य जो कर चुके हैं उसे दबाने के लिए सिंधिया को सरकार का संरक्षण चाहिए। अब भाजपा की सरकार आई है, उन्होंने जमीनों के घोटाले किये हैं, हजारों करोड़ की जमीनें हड़पी थी उसको बचाने के लिए भाजपा में शामिल हुए हैंम जिससे सुरक्षित रहर। कमलनाथ ने जब उनके कारनामे देखे तो कार्रवाई शुरू की थी इससे भयभीत होकर उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से सौदा कर लिया और अपने ईमान के साथ जमीर को गिरवी रखकर हमारे कांग्रेस के साथियों को भी ले जाकर उनके यहाँ गिरवी रख दिया।

सिंधिया समर्थक मंत्री को राजस्व विभाग नहीं दिये जाने की उनकी मांग पर सवाल पूछा तो पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि मेरा तो आज भी यही मत है, शिवराज जी को मेरी बात मनानी है तो ठीक वरना नहीं माने। उन्होंने कहा कि 1967 में जब संवित् सरकार बनी तो इस ग्वालियर खानदान ने लक्ष्मी नारायण गुप्ता जो उनके महल के कर्मचारी थे उनके माध्यम से जमीनें हड़पी, 1990 में जब सुंदर लाल पटवा मुख्यमंत्री थे तब लक्ष्मी नारायण गुप्ता को राजस्व मंत्री बनवाकर जमीनें हड़पी, अब जब पिछले दिनों कांग्रेस की सरकार बनी तो गोविंद राजपूत को राजस्व मंत्री बनवाकर दबाव डालकर ग्वालियर, उज्जैन और शिवपुरी में हजारों करोड़ रुपये की जमीनें हड़प लीं। गोविंद सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि यदि जन सेवक हैं तो विभाग क्यों मांग रहे हैं जनता की सेवा करने आये हो या लूट खसोट करने। दर असल उन्हें अपनी जमीनें सुरक्षित रखना है उनकी देखरेख के लिए आदमी चाहिए इसलिए राजस्व विभाग चाहिए। उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग भी चाहिए जिससे गरीबों का दलिया बेचकर खजाना भर सकें।

उपचुनाव में 24 सीटें जीतने के दावे के सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं ना तो ज्योतिषी हूँ ना भविष्यवक्ता, मैं जो हकीकत देखता हूँ वही कहता हूँ। जिस लोगों ने जनता किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धोखा करके वोट को बेचकर नोट लिए जनता उनसे नाराज है और सबक सिखाने के लिये तैयार बैठी है। गोविंद सिंह ने कहा कि सिंधिया तो शिवराज को किसानों का खूनी कहते थे, उनके भाषण उसका प्रमाण हैं। भाषणों में कहते थे ” शिवराज सुन ले खूनी है तू” जिसको खूनी बताते थे आज उसका चरण चुंबन करने क्यों पहुँच गए इस बात का जवाब प्रदेश की जनता को दे सिंधिया, वरना अब जनता जवाब देगी।

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