बदमाशों के निशाने पर एक थाना, गाड़ियों के शीशे तोड़े, घर में बंधे 1 लाख के पशु ले गए

बदमाशों के निशाने पर एक थाना, गाड़ियों के शीशे तोड़े, घर में बंधे 1 लाख के पशु ले गए

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। बेखौफ बदमाशों ने एक ही थाना क्षेत्र में तीन वारदात कर पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगाए हैं। मामला झांसी रोड थाने का है। बदमाशों ने इस क्षेत्र की कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े, एक कार के शीशे तोड़कर उसमें रखी रिवॉल्वर चोरी की और एक घर से एक लाख रुपये के बकरा बकरी चोरी कर लिए।

पॉश कॉलोनी में कारों के शीशे तोड़कर फैलाई दहशत

जानकारी के मुताबिक झांसी रोड थाना क्षेत्र में बदमाशों ने पुलिस को खुले आम चुनौती दी है। बदमाशों ने यहाँ 24 घंटे में तीन अलग अलग घटनाएं कर पुलिस की मुस्तैदी की कलई खोल दी। बदमाशों ने मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात झांसी रोड थाना क्षेत्र की पॉश कॉलोनी चेतकपुरी, विजया नगर में घर के बाहर खड़ी कारों के कांच तोड़ दिये। लोग घरों के बाहर निकले शोर मचाया,पुलिस को बुलाया लेकिन बदमाश पकड़ नहीं आये। बदमाशों ने यहाँ, पंकज गोयल की क्रेटा,, धर्मेंद्र गुप्ता की स्कॉर्पियो, नरेश शर्मा को अल्टो के शीशे तोड़ दिये।

कार के शीशे तोड़े अंदर रखी रिवॉल्वर चुराई

बदमाशों ने अब बुधवार गुरुवार की दरमियानी रात फिर कार के शीशे तोड़े लेकिन इस बार चोरी भी की। पुलिस ने बताया कि माधव नगर में रहने वाले राजू शिवहरे कल रात अपने बड़े भाई के घर खाना खाने एमपी नगर गए थे रात को उनकी कार पंचर हो गई तो वे उसे वहीं छोड़ एएम वो अपनी रिवॉल्वर भी गाड़ी में भूल गए। सुबह जब गाड़ी देखी तो उसका कांच टूटा था और किसी बदमाश ने रिवॉल्वर चोरी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोर की तलाश शुरू कर दी है।

एक लाख के बकरा बकरी चोरी किये

ग्वालियर में चोरों के होंसले कितने बुलंद हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अब पशुओं को चुराने से नहीं हिचक रहे। ताजा मामला बीती रात का है। झांसी रोड थाना के विक्की फैक्ट्री के पास रहने वाले सियाराम बघेल घर में पले 45 बकरे बकरियों को अज्ञात चोर बीती रात चोरी कर ले गए। चोरी गए बकरा बकरी की कीमत एक लाख के आसपास बताई गई है। पुलिस टोल नाकों सहित आसपास के cctv फुटेज खंगाल रही है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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