युवक ने खुद को लगाई आग, फिर सड़क पर दौड़ा, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

युवक ने खुद को लगाई आग, फिर सड़क पर दौड़ा, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

ग्वालियर। अतुल सक्सेना| शहर में रविवार को एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया जब एक युवक ने सड़क पर चलते खुद को आग लगा ली। आग लगते ही वो तड़पने लगा तो लोगों ने पानी डालकर आग बुझाई। युवक की हालत गंभीर है उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस ज्यादा कुछ बताने से बच रही है।

शहर के जनकगंज थाना क्षेत्र के जीवाजीगंज में पीजीवी कॉलेज वाली गली के पास एक युवक ने रविवार की दोपहर संदिग्ध परिथितियों में खुद को आग लगा ली। आग लगाते ही युवक उसे बुझाने के प्रयास में यहाँ वहाँ भागने लगा। स्थानीय लोगों ने देखा तो उसपर पानी डालकर आग बुझाई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने युवक को जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। युवक द्वारा आत्मदाह के प्रयास की घटना सड़क पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। जिसमें समझ में आ रहा है कि युवक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाला है उसके बाद वो कई बार माचिस से खुद को आग लगाता है और आग लगते ही सड़क पर भागने लगता है। घटना के बाद जीवाजीगंज में चर्चा हो रही थी कि युवक बेरोजगार था और अभी भूख से परेशान था इसलिए उसने ये कदम उठाया। एडिशनल एसपी सतेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक युवक का नाम संतोष रायकवार है। उनका इलाज किया जा रहा है। उसने ऐसा क्यों किया मालूम किया जायेगा। पहले उसकी जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। युवक के बेरोजगार और भूख से परेशान होने के सवाल पर पुलिस ज्यादा कुछ बताने से बचती रही ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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