गलत साबित हुई आशंका, घरों की रोशनी बंद करने से ग्रिड को नहीं हुआ नुकसान

गलत साबित हुई आशंका, घरों की रोशनी बंद करने से ग्रिड को नहीं हुआ नुकसान

ग्वालियर।अतुल सक्सेना|प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रविवार 5 अप्रैल को 9 बजे लाइट बंद कर दिये,मोमबत्ती, मोबाइल फ्लेश और टॉर्च से रोशनी करने के आव्हान के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों को चिंता थी अचानक से लाइटें बंद हो जाने से बिजली ग्रिड का लोड कम हो जायेगा और इससे उसे नुकसान हो सकता है। उधर प्रधानमंत्री के विरोधी इसके लिए उन्हें निशाने पर भी ले रहे थे । लेकिन ये आशंका गलत साबित हुई। उल्टा 9 मिनट बिजली बंद किये जाने ने 766 MW बिजली की बचत हुई। देश भर में भी घरों के बल्ब और ट्यूबलाइट बंद होने से बिजली ग्रिड पर कोई असर नहीं पड़ा। 31 गेगावाट लोड में दस मिनट की कमी आई। 40W के मोटे तौर पर 80 करोड़ लैंप या विद्युतीकृत घरेलू स्विच 2.75 लैंप बंद रहे।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले जनता के नाम अपने संदेश में कहा था कि 5 अप्रैल रविवार को पूरा देश रात 9 बजे अपने घर की लाईट बंद कर दे और 9 मिनट तक से बंद कर दिये, मोमबत्ती, टॉर्च या मोबाइल के फ्लेश से रोशनी करे। पीएम के आह्वान के बाद बिजली कंपनियों को ये चिंता सताने लगी की यदि एक साथ लाखों घरों की बिजली बंद हो जायेगी तो बिजली सप्लाई का संतुलन बिगड़ जायेगा और ग्रिड को नुकसान हो सकता है। इतना ही नही विरोधियों ने पीएम की अपील का इस आधार पर मजाक बनाते हुए उन्हें निशाने पर भी लिया था। लेकिन बिजली कंपनी ने लोगो से अपील की कि सभी स्विच बंद ना करें केवल बल्व, सीएफएल, ट्यूब लाइट ही बंद करें और टीवी, फ्रिज आदि चालू रखें जिससे ग्रिड में असंतुलन नहीं आयेगा। बिजली कंपनी की बात का लोगों ने पीएम की अपील केसाथ ध्यान रखा जिसका परिणाम ये हुआ कि बिजली सप्लाई का संतुलन नहीं बिगडा और ग्रिड को कोई नुकसान नहीं हुआ उल्टा 766 मेगा वाट बिजली की बचत हो गई। लोगों ने 9 बजे से कुछ मिनट पहले ही बिजली बंद करना च
शुरू कर दी थी। बिजली कंपनी से मिले ताजे आकड़ों के मुताबिक मप्र की मध्य संभाग विद्युत वितरण कंपनी जिसके अंतर्गत भोपाल और ग्वालियर के क्षेत्र आते हैं उसमें 8.51 मिनट से 9.09 मिनट के बीच 766 मेगावाट बिजली की कम हुई खपत हुई। जानकारी के अनुसार 8: 51 बजे लोड 2223 MW था और 9:09 बजे 1457 MW था। इन दोनों का अंतर निकालेंगे तो 766 MW बिजली की बचत हुई ।

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