दीपावली से पहले एक्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग, गाड़ी में भरकर जा रहा मावा करीब एक क्विंटल जब्त, सड़क किनारे बैठकर लिए सेंपल

टीम ने मालिक से पूछताछ की फिर उसकी मौजूदगी में मावा के चार नमूने जाँच के लिये प्राप्त किये। साथ ही 24 डलियों में भरा लगभग 2 लाख 29 हजार रुपये कीमत का करीबन 954 किलोग्राम मावा नियमानुसार जब्त किया गया।
Mawa seized
Mawa seized: कलेक्टर के निर्देश पर ग्वालियर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम दूध से बने नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर पैनी नजर बनाये हुए है, इसके लिए टीम ने मुखबिर तंत्र को मजबूत किया हुआ है, इसी क्रम में आज खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि भिंड से बड़ी मात्रा में मावा ग्वालियर आ रहा है, टीम ने सूचना को पुख्ता कर गाड़ी में भरकर लाया जा रहा मावा पकड़ लिया और जब्त कर लिया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस के शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग को मिली सूचना के आधार पर हुरावली तिराहे के समीप स्थित पहाड़ी मार्ग पर एक वाहन जाँच के लिये रोका गया। वाहन चालक ने बताया कि वह भिंड जिले के मौ कस्बे में स्थित राधेश्याम डेयरी से 24 डलियाँ मावा लेकर आया है और मोर बाजार ग्वालियर में बेचने के लिये जा रहा है।

24 डलियों में भरा करीब एक क्विंटल MAWA जब्त 

जाँच के दौरान मावा मालिक भी वहाँ पहुँच गया। टीम ने उससे पूछताछ की फिर उसकी मौजूदगी में मावा के चार नमूने जाँच के लिये प्राप्त किये। साथ ही 24 डलियों में भरा लगभग 2 लाख 29 हजार रुपये कीमत का करीबन 954 किलोग्राम मावा नियमानुसार जब्त किया गया।

Gwalior Collector के निर्देश पर जारी है एक्शन 

कार्रवाई के लिये गई खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस के शर्मा, बृजेश कुमार शिरोमणि, गोविंद नारायण सरगैंया व सतीश धाकड़ शामिल थे। गौरतलब है कि कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से शहर में मिठाई व खान-पान की दुकानों से नमूने लेकर लगातार जाँच कराई जा रही है। साथ ही शहर में बाहर से आ रहे मावा पर भी खास नजर रखी जा रही है।
Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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