शिवराज सरकार का बड़ा फैसला,ग्वालियर जिले में बनेगा स्थायी जैविक हाट बाजार, किसानों को होगा लाभ

शिवराज सरकार का बड़ा फैसला,ग्वालियर जिले में बनेगा स्थायी जैविक हाट बाजार, किसानों को होगा लाभ

Gwalior News : जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) जल्दी ही ग्वालियर जिले में स्थायी जैविक हाट बाजार स्थापित करने जा रही है, प्रदेश के उद्यानकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि ग्वालियर जिले में स्थायी जैविक हाट बाजार का निर्माण लगभग दो एकड़ जमीन पर होगा। जिसमें सरकार 10 करोड़ रूपए खर्च कर भण्डारण कक्ष, कोल्ड रूम व ग्रेडिंग पैकिंग यूनिट सहित जैविक हाट बाजार से संबंधित अन्य अधोसंरचनायें उपलब्ध करायेगी।

ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित उद्यानिकी विभाग की शासकीय पौधशाला परिसर में एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत चार दिवसीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया, समापन कार्यक्रम में प्रदेश के उद्यानकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह विशेष रूप से मौजूद थे।

569 किसान लाभान्वित

जैविक  व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और सब्जी व मसाला क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से आयोजित हुए इस सम्मेलन के आखिरी दिन जनपद पंचायत मुरार के 569 किसानों को लाभान्वित कराया गया। समापन दिवस पर आयोजित हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत व जनपद पंचायतों के सदस्यगणों सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

उद्यानिकी विभाग अपनी देखरेख में करायेगा जैविक उत्पादन

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार भारत सिंह कुशवाह (Minister of State Bharat Singh Kushwaha ) ने कहा कि जैविक खेती की बारीकियाँ सिखाकर उद्यानिकी विभाग अपनी देखरेख में किसानों से जैविक उत्पादन करायेगा। साथ ही उनके उत्पादों को जैविक हाट बाजार में बिक्री की सुविधा मुहैया कराई जायेगी। जैविक उत्पादन करने वाले किसानों को विभाग द्वारा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि आम बाजारों से दोगुनी से अधिक कीमत पर किसानों की जैविक सब्जी व फल जैविक हाट बाजार में बिकेंगे। इससे न केवल किसानों को फायदा होगा बल्कि ग्वालियरवासियों को भी हैल्दी जैविक उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।

खाद्य प्रसंस्करण इकाई के लिए 35 प्रतिशत तक अनुदान

राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने किसानों का आह्वान किया कि खेती की आमदनी को दोगुना करने के लिये रबी-खरीफ में उद्यानिकी फसलों की खेती भी करें। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण भी अपनाएँ। सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिये 35 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।

जैविक खेती की सामग्री सौंपी 

भारत सिंह कुशवाह ने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिये नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटास बनाने वाले जीवाणुओं की किट और वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) व स्प्रिंकलर सहित अन्य सामग्री की किट सौंपी। उन्होंने जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में लगाए गए उद्यानिकी व जैविक खेती के स्टॉल का भी जायजा लिया। साथ ही किसानों से रूबरू होकर उन्हें जैविक खेती के फायदे बताए। इस अवसर पर सहायक संचालक उद्यानिकी एमपीएस बुंदेला, विषय विशेषज्ञों द्वारा जैविक खाद और घर पर ही जैविक कीटनाशक दवाएँ तैयार करने की तकनीक सिखाई। किसानों को इसके अलावा टमाटर, भिंडी, मिर्च, लॉकी व गिलकी के बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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