CM को पसंद नहीं आई “टी शर्ट” कमिश्नर ने “फेडेड जींस” पर जताई नाराजगी, जारी हुआ ये आदेश

CM को पसंद नहीं आई “टी शर्ट” कमिश्नर ने “फेडेड जींस” पर जताई नाराजगी, जारी हुआ ये आदेश

ग्वालियर । अतुल सक्सेना |

जिले के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों के लिए संभाग आयुक्त ने एक नया आदेश जारी किया है। आदेश के तहत अब कोई भी कर्मचारी या अधिकारी कार्यालय में टी शर्ट और जींस नहीं पहन सकेगा। ये अशालीन परिधान माने गए हैं।

ग्वालियर संभाग आयुक्त एम बी ओझा ने संभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शासन के निर्देशानुसार आपके अधीनस्थ सभी शासकीय सेवकों को गरिमापूर्ण, शालीन एवं औपचारिक परिधान पहनकर शासकीय कार्यालय में दायित्व निर्वहन किए जाने हेतु पाबंद करना सुनिश्चित करें। निर्देशों की अवहेलना करते पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। संभाग आयुक्त ने संभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं जिला कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में निर्देश दिए हैं कि शासन के निर्देशानुसार सभी शासकीय कार्यालयों में शासकीय सेवक गरिमापूर्ण शालीन एवं औपचारिक परिधान पहनकर ही अपने दायित्वों का निर्वहन किए जाने हेतु पाबंद करना सुनिश्चित करें। निर्देशों की अवहेलना करते पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु सक्षम अधिकारी को प्रस्ताव भेजे जाएं।

उन्होंने इस संबंध में उल्लेख किया है कि उनके द्वारा अशोकनगर जिले के भ्रमण के दौरान अपर कलेक्टर जैसे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बैठक में “फैटेड जीन्स” पहनकर उपस्थित होना उक्त कृत्य शासकीय सेवक के पद की गरिमा के विपरीत होकर अमर्यादित आचरण की ओर इंगित करता है, जो उचित नहीं है। उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मंदसौर जिले के वन मण्डलाधिकारी द्वारा अशालीन परिधान “टी शर्ट” पहनकर शामिल होने पर मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को शालीन, औपचारिक एवं गरिमापूर्ण परिधान पहनकर कार्यालय में आने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews