कांग्रेस ने काली पट्टी बांधकर मनाया काला दिवस, भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ की जमकर नारेबाज़ी

कांग्रेस ने काली पट्टी बांधकर मनाया काला दिवस, भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ की जमकर नारेबाज़ी

डबरा| सलिल श्रीवास्तव| आज कांग्रेस की सरकार गिरे 100 दिन हो चुके है , जिसके विरोध में कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर डबरा शहर के अग्रसेन चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की|

कांग्रेस के जिला प्रवक्ता दिव्यांक द्विवेदी कहा कि भाजपा ने कूटनीति एवं अनैतिक तरीके से कांग्रेस की सरकार गिराई है यह सरासर गलत है यह लोकतंत्र की हत्या की है जिसके 100 दिन पूरे होने पर आज सभी कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया है उन्होंने कहा की इन 100 दिनों में जनता ने काफ़ी परेशानियों का सामना किया बढ़ती महगाईं से आमजन परेशान जिसका ख़ामियाज़ा भाजपा को उपचुनाब में उठाना पड़ेगा।इस मौके पर कार्यवाहक अध्यक्ष रंगनाथ तिवारी, वरिष्ठ नेता घनश्याम भार्गव, नगर अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, देव शरण चौबे,सुरेश राजे,सत्यप्रकाशी परसेडीया,वृंदावन कोरी,सूबेदार सिंह, एवं अनेकों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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