रिजल्ट घोषित नहीं किये जाने से भड़के पैरामेडिकल विद्यार्थी, मेडिकल कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे

जीआरएमसी ग्वालियर  पर धरना प्रदर्शन कर रहे, छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की लापरवाही के चलते उनका भविष्य चौपट हो रहा है, नौकरी के अवसर जा रहे हैं छात्रों को अपना भविष्य बर्बाद होता दिखाई दे रहा है, इससे दुखी होकर अब हमें आंदोलन करना पड़ रहा है।
Paramedical students protest GR Medical College Gwalior

Paramedical students protest GR Medical College Gwalior

जीआर मेडिकल कॉलेज ग्वालियर  सहित मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के 20 हजार छात्रों का जबलपुर यूनिवर्सिटी प्रबंधन की लापरवाही के चलते भविष्य चौपट हो रहा है उनके नौकरी के अवसर कम हो रहे हैं, पैरामेडिकल छात्रों ने साल 2021 और 2022 का रिजल्ट घोषित नहीं होने पर आंदोलन की रहा पकड़ ली है, और आक्रोशित छात्र जी आर मेडिकल कॉलेज के बाहर  धरने पर बैठ गए हैं,गौरतलब है कि बीते दिनों जी आर मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के एक पैरामेडिकल छात्र ने दुखी होकर सुसाइड करने की कोशिश भी की थी।

जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित किए जा रहे हैं पैरा मेडिकल कोर्स के साल 2021-22 का रिजल्ट घोषित नहीं होने से प्रदेश के 20 हजार छात्रों ने यूनिवर्सिटी की उदासीनता के चलते आंदोलन की राह पकड़ ली है,  जीआरएमसी ग्वालियर  पर धरना प्रदर्शन कर रहे, छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की लापरवाही के चलते उनका भविष्य चौपट हो रहा है, नौकरी के अवसर जा रहे हैं छात्रों को अपना भविष्य बर्बाद होता दिखाई दे रहा है, इससे दुखी होकर अब हमें आंदोलन करना पड़ रहा है।

जूनियर छात्रों को भी सता रही अपने भविष्य की चिंता 

वहीं सत्र 2023-24 और 2024-25 के छात्रों को भी चिंता सता रही है कि जब उनके सीनियर का अब तक रिजल्ट नहीं आया है और ऐसे में उनकी परीक्षाएं कब होगी ? आपको बता दें कि जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी का पैरा मेडिकल कोर्स सेशन दो साल देरी से चल रहा है। इसी से परेशान होकर बीते दिनों जीआरएमसी ग्वालियर में तो एक छात्र ने सुसाइड करने की कोशिश भी की थी जिसे सुरक्षा गार्डों ने रोक लिया था।

मेडिकल कॉलेज डीन ने छात्रों को दी ये सलाह 

इस मामले में GRMC  के डीन डॉ. आर के एस धाकड़ का कहना है कि वे छात्रों की समस्या को समझते हैं लेकिन मेरी सलाह है कि यहाँ धरना देने से कुछ नहीं होगा वे अपनी बात मेडिकल यूनिवर्सिटी के सामने रखें तो ज्यादा ठीक रहेगा कॉलेज तो सिर्फ पढ़ाता है परीक्षा लेने और रिजल्ट घोषित करने का काम यूनिवर्सिटी का है। उन्होंने कहा वे जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को पहले लिख चुके हैं कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर जल्द से जल्द रिजल्ट घोषित किया जाए। 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews