भैंस बांधने को लेकर पड़ोसियों में विवाद, फायरिंग में दो लोग घायल अस्पताल में भर्ती, आरोपी फरार

विष्णु गुर्जर रात को मेरे घर शराब पीकर आया और उसने मेरी पत्नी को गालियाँ दी, आज सुबह जब मैंने उससे इस बारे में बात की तो उसने मेरे साथ भी मारपीट की और फिर विष्णु मेरी भूसे की टाल पर गया और उसने वहां मेरे बेटे गौरव और मेरे रिश्तेदार कैलाश को गोली मार दी।
Gwalior News

Gwalior News : ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम में भैंस बांधने को लेकर पडोसी आपस में भीड़ गए, मामला इतना बढ़ गया कि वहां गोलियां चल गई जिसमें दो लोग घायल हो गए, घायलों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि घटना के बाद से आरोपी फरार हैं, पुलिस ने मामला दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में पुलिस पार्टियाँ रवाना की हैं।

भैंस बांधने को लेकर विवाद में चलीं गोलियां, दो घायल  

आदित्यपुरम में रहने वाले रायसिंह गुर्जर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले विष्णु गुर्जर रात को मेरे घर शराब पीकर आया और उसने मेरी पत्नी को गालियाँ दी, आज सुबह जब मैंने उससे इस बारे में बात की तो उसने मेरे साथ भी मारपीट की और फिर विष्णु मेरी भूसे की टाल पर गया और उसने वहां मेरे बेटे गौरव और मेरे रिश्तेदार कैलाश को गोली मार दी, उसने बताया कि झगड़े की मुख्य वजह सरकारी जमीन पर कब्ज़ा और हमारी भैंस बांधने को लेकर है, वो आये दिन हमारे जानवरों को लेकर हमें परेशान करते है।

फरियादी ने बताये आरोपियों के नाम, पुलिस कर रही तलाश 

रायसिंह ने कहा कि विष्णु के साथ परमाल गुर्जर, अरुण गुर्जर और और छुन्ना गुर्जर था उनके साथ चार पांच और लोग थे, ये चार मुंह खोले हुए थे बाकि मुंह बांधे हुए थे, मैंने पुलिस में शिकायत की और फिर बच्चे की अस्पताल में भर्ती कराया, उधर एडिशनल एसपी केएम षियाज़ ने कहा कि हमने शिकायत दर्ज कर ली है आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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