लॉकडाउन में भी धड़ल्ले से जारी है नशे का कारोबार, लाखों की अवैध शराब बरामद

लॉकडाउन में भी धड़ल्ले से जारी है नशे का कारोबार, लाखों की अवैध शराब बरामद

ग्वालियर/अतुल सक्सेना

लॉक डाउन (lockdown) के बावजूद शराब माफिया (liquor mafia) सक्रिय है, ग्वालियर (gwalior) में उनके खिलाफ पुलिस (police) को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक घर से लाखों रुपये कीमत की सैकड़ों बोतल अवैध अंग्रेजी शराब (illegal liquor) बरामद की है।

पुलिस और जिला प्रशासन (police and administration) की सख्ती के बावजूद शराब माफिया (liquor)mafia उसे लगातार चुनौती दे रहा है। जिले में अवैध शराब (illegal liquor) का धंधा खूब फल फूल रहा है। लेकिन पुलिस ने बीती रात इसमें सेंध लगा दी। सीएसपी (CSP) रवि भदौरिया के मुताबिक हजीरा पुलिस को गुरुवार की रात सूचना मिली कि गोसपुरा नंबर एक में ज्ञान वर्मा नामक व्यक्ति अपने घर से अवैध शराब का कारोबार कर रहा है। सूचना को पुख्ता करने के बाद पुलिस ने यहाँ छापा मारा और उसे भारी मात्रा में शराब का जखीरा मिला। पुलिस को मकान के तीन कमरों से लाखों रुपये कीमत की सेंकड़ों बोतल अवैध अंग्रेजी शराब मिली है। जब्त की गई शराब की कीमत 50 लाख से अधिक बताई गई है। सीएसपी का कहना है कि यहाँ बोट्लिंग की भी जानकारी मिली है। जिसकी तस्दीक की जा रही है।आरोपी ज्ञान वर्मा को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ये भी पता लगा रही है कि इसमें शराब का इतना बड़ा कारोबार कैसे खड़ा कर लिया। ये कहाँ से शराब ला रहा है और अब तक कहाँ कहाँ इसकी सप्लाई की है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews