कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, लापरवाही के आरोप

कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, लापरवाही के आरोप

ग्वालियर, अतुल सक्सेना

कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिये डेडिकेटेड हॉस्पिटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद उनके परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर्स की लापरवाही से मरीज की मौत हुई है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए कि अस्पताल स्टाफ ने भर्ती से पहले पैसे लिए और इलाज नहीं किया जिसके बाद मरीज की मौत हो गई।

उप नगर ग्वालियर के सेवा नगर में रहने वाले 79 वर्षीय आरके पुनियानी की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कुछ मिनिट बाद ही अस्पताल ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और कोरोना मरीजों की गाइड लाइन के मुताबिक उनके शव को फ्रीजर में रखवा दिया। उधर मरीज की मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुँच गए और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। हंगामे की खबर लगते ही एसडीएम और पुलिस फोर्स मौके पर पहुँच गया।

बेटे ने लगाए पैसे लेकर भर्ती करने और ऑक्सीजन नहीं लगाने के आरोप

मृतक आरके पुनियानी के बेटे लकी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। कल रात उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी जिसके बाद रात पौने ग्यारह बजे उन्हें लेकर हम एंबुलेंस से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल आये। लेकिन बार बार कहने के बाद भी स्टाफ ने उन्हें ऑक्सीजन नहीं लगाई। हम जब यहाँ पहुंचे तो पहले गार्ड ने 200 रुपये लिए फिर उसने बाइयों के नाम पर चार सौ रुपये मांगे उसके बाद अंदर स्टाफ ने एक हजार रुपये फिर लिए। जबकि उनको हाथ तक किसी ने नहीं लगाया और जैसे ही हमें वहाँ से हटाया हम घर भी नहीं पहुँच पाए रास्ते में फोन आ गया कि उनकी मौत हो गई। शव पोस्ट मार्टम हाउस के फ्रीजर में रखवा दिया है।

परिजनों ने सरकारी पैसों के लिए मारने के आरोप भी लगाए

आरके पुनियानी की मौत के बाद हंगामे के चलते एसडीएम कुलदीप दुबे भी वहाँ पहुंचे। जिसके बाद परिजनों ने CCTV और बॉडी देखने की मांग की जिसके बाद दो परिजनों को पीपीई किट पहनाकर भेजा गया। बॉडी देखकर आये बेटे लकी ने कहा कि मैं पौने ग्यारह बजे छोड़कर गया हूँ और डॉक्टर्स ने मौत का टाइम 10: 50 लिखा है। ये कैसे हो सकता है क्योंकि जब में गया था तो वे ठीक थे। लकी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिताजी के पेट पर नीचे कि तरफ एक गहरा कट का निशान भी दिखाई दिया जबकि उनके पहले से कोई निशान नहीं था। उधर एक अन्य परिजन जो डॉ है और हिसार हरियाणा में एमडी एक्युप्रेशर हैं ने कहा कि निश्चित ही इलाज में लापरवाही हुई है उनकी ऑक्सीजन निकाली गई जिससे मौत हुई। उन्होंने कहा कि सरकार कि तरफ से मिल रही लाखों रुपये की राशि के लालच में डॉक्टर से लेकर सब मिले हुए हैं। बहरहाल एसडीएम ने परिजनों को समझाइश देते हुए शांत किया वहीं मौके पर मौजूद सीएसपी रतनेश तोमर ने कहा कि यदि परिजन कोई शिकायत करेंगे तो उस हिसाब से कार्रवाई की जायेगी।

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