FB पर दोस्ती कर किया दुष्कर्म, वीडियो बनाकर कर रहा था ब्लैक मेल, गिरफ्तार

FB पर दोस्ती कर किया दुष्कर्म, वीडियो बनाकर कर रहा था ब्लैक मेल, गिरफ्तार

ग्वालियर\अतुल सक्सेना| फेसबुक पर एक युवक से दोस्ती करना एक महिला को महंगा पड़ गया। युवक ने महिला को घर बुलाकर जबरदस्ती अपनी हवस का शिकार बनाया और उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। महिला से ब्लैकमेल कर युवक ने नगदी सहित सोने के जेवर तक हड़प लिए। प्रताड़ित होकर महिला ने पुलिस से शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

ग्वालियर थाने के टी आई रघुवीर मीणा के मुताबिक शहर में रहने वाली 28 वर्षीय महिला की डेढ़ साल पूर्व रानीपुरा निवासी अमित परिहार से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। दोस्ती होने के बाद फोन बार बात और चैटिंग होने लगी फिर ये लोग मिलने लगे। एक दिन अमित ने महिला को घर वालों से मिलाने के बहाने अपने घर बुला लिया। महिला जब उसके घर पहुंची तो अमित के घर पर उसके अलावा कोई नहीं था। पता चलते ही वो वापस जाने लगी तो अमित ने चाय पीने के बाद जाने को कहा। अमित के कहने पर महिला चाय पीने के लिए वहां कुछ देर रुकी इसी बीच अमित ने उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया और उसका अश्लील वीडियो और फोटो बना लिया। वारदात के बाद अमित ने उसे बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। ब्लैकमेल कर उसके साथ शारीरिक शोषण करता रहा और 50 हजार नगद व सोने के जेवर तक ले लिए। जब उसकी मांग हद से ज्यादा बढ़ने लगी तो महिला ने ग्वालियर थाने पहुंचकर आरोपी युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अमित के खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले को जांच में ले लिया है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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