यहां दर्ज हुई “तांडव” के निर्माता निर्देशक और लेखक के खिलाफ FIR

यहां दर्ज हुई  “तांडव” के निर्माता निर्देशक और लेखक के खिलाफ FIR

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। एमेजोन प्राइम की वेब सीरीज तांडव (Web Series Tandav) के खिलाफ देश भर में गुस्सा है। लोग तांडव के पोस्टर जला रहे हैं, विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्वालियर (Gwalior) में भी इसी क्रम में विरोध प्रदर्शन हुआ। अखिल भारत हिंदू महासभा ने एसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया निर्माता निर्देशक के खिलाफ FIR की मांग की। हिंदू महासभा की मांग के बाद थाना क्राइम ब्रांच में तांडव के निर्माता, निर्देशक और लेखक के खिलाफ धारा 153 A के तहत मामला दर्ज किया गया।

अखिल भारत हिन्दू महासभा देश भर में ज्ञापन देकर और आक्रोश प्रदर्शन कर हिन्दू धर्म का अपमान करने वाली वेब सीरीज तांडव के निर्माता और उसके कलाकारों के नाम एफआईआर कर कार्रवाई की मांग कर रही है, आज ग्वालियर में भी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज और वरिष्ठ नेता विनोद जोशी के नेतृत्व में एसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया गया और आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि फिल्म में जान बूझकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले संवाद और सीन प्रदर्शित किये गए हैं। यदि जल्दी ही इस पर रोक नहीं लगी और हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू चुप नहीं बैठेगा।

एसपी अमित सांघी ने आवेदन लेने के बाद क्राइम ब्रांच थाने में FIR के निर्देश दिये। एसपी के निर्देश पर थाना क्राइम ब्रांच ने आखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री लाल जी शर्मा, संभागीय अध्यक्ष पवन गुप्ता और संभागीय महामंत्री मनोज जाटव सहित अन्य पदाधिकारियों के आवेदन पर वेब सीरीज तांडव के निर्देशक अली अब्बास जफर, निर्माता हिमांशु कृष्ण मेहरा और लेखक गौरव सोलंकी के खिलाफ धारा 153A, 505(1) और 505(2) के तहत एफआईआर दर्ज की।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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