अग्निकांड: CM शिवराज ने की आर्थिक सहायता की घोषणा, सिंधिया ने परिवार को ढांढस बंधाया

अग्निकांड: CM शिवराज ने की आर्थिक सहायता की घोषणा, सिंधिया ने परिवार को ढांढस बंधाया

ग्वालियर । अतुल सक्सेना| शहर के पेंट कारोबारी गोयल परिवार के सात सदस्यों की मौत की खबर ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। घटना की सूचना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj SIngh Chauhan) को मिलते ही उन्होंने जिले के अधिकारियों से बात की। घटना स्थल पर मौजूद पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने मुख्यमंत्री से बात की और घटना की भयावहता के बारे में बताया| जिसके बाद सीएम शिवराज ने परिजनों से बात की और प्रत्येक मृतक के परिजन को नियमानुसार 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उधर पूर्व विधायक गोयल ने वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) से भी बात की। सिंधिया ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए परिजनों से बात की और उन्हें सांत्वना देते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री और प्रशासन से की ये मांग

पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता मुन्नालाल गोयल (Munnalal Goyal) घटना की सूचना के कुछ देर बाद ही घटना स्थल पर पहुँच गए फिर वे वहाँ से अस्पताल, पीएम हाउस और शमशान तक परिवार के साथ रहे। मुन्नालाल गोयल ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज जो बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद परिवार को 28 लाख रुपये मिलेंगे लेकिन ये इस परिवार के लिए नाकाफी हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के नुकसान की भरपाई तो नहीं की जा सकती लेकिन उसका साथ देकर मदद जरूर की जा सकती है इसलिए मैंने मुख्यमंत्री जी और जिला प्रशासन से मांग की है कि गोयल परिवार के बर्बाद हो गए व्यापार और मकान के नुकसान का आंकलन कर उसे पूरी आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए जिससे ये परिवार फिर से खड़ा हो सके।

गौरतलब है कि सोमवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे इंदरगंज चौराहे के पास रोशनी घर रोड पर स्थित गोयल परिवार की दुकान गोयल पेंट हाउस में आग लग गई। आग ने थोड़ी ही देर में विकराल रूप लेलिया जिसके चलते दुकान के उपर बने तीन मंजिला घर में परिवार के लोग फंस गए। फायर ब्रिगेड ने लोगों को बचाने का प्रयास किया लेकिन आग की लपटों ने जलकर परिवार के सात लोगों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में तीन मासूम और चार महिलाएं हैं। तीन भाईयों के 16 लोगों के परिवार में अब 9 लोग बचे हैं जिनमें से अभी भी चार लोग अस्पताल में भर्ती हैं। जो अग्निकांड में परिवार को बचाते हुए झुलस गए हैं।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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