तिघरा बांध में डूबा मछुआरा, पुलिस ने शव बरामद किया, अफवाह साबित हुई मगरमच्छ द्वारा शिकार किये जाने की खबर

सीएसपी आयुष गुप्ता ने कहा कि हमारी टीमों ने जीतू कुशवाह का शव गहरे पानी से खोज निकाला उसकी डूबकर मौत हुई है मगरमच्छ द्वारा शिकार किये जाने की खबर अफवाह है ऐसी कोई बात नहीं है। 
Tighra Dam Gwalior

Gwalior News : ग्वालियर के तिघरा बांध में मछुआरे का मगरमच्छ द्वारा शिकार किये जाने की खबर अफवाह साबित हुई है, पुलिस के गोताखोरों में मछुआरे का शव बरामद कर लिया है, बताया जा रहा है कि वो रोज की तरह मछली पकड़ने गया था गहरे पानी में जाने से वो डूब गया और उसकी मौत हो गई।

मछली पकड़ने गया युवक तिघरा बांध में डूबा 

जानकारी के मुताबिक तिघरा बांध के पास गाँव में  रहने वाला मछुआरा जीतू कुशवाह सोमवार को शाम रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ मछली पकड़ने गया था, वो मछली पकड़ने के लिए बांध में उतरा और धीरे धीरे गहरे पानी में चला गया और उसकी डूबकर मौत हो गई उसके साथ आये दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए।

मगरमच्छ द्वारा शिकार किये जाने की चर्चा से हड़कंप  

जीतू की डूबने से उसके साथी मछुआरे घबर अगये और फिर उन्हों ने पुलिस में इसकी जानकारी दी, सूचना मिलने पर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से जीतू कुशवाह को तलाशना शुरू किया और, पुलिस और SDRF के गोताखोर उसे रात तक तलाशते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली, इसी बीच किसी ने कहा कि उसे मगरमच्छ ने शिकार बना लिया ये बात तेजी से गाँव में फ़ैल गई।

पुलिस ने शव खोज निकाला, अफवाह निकली शिकार की खबर 

सीएसपी आयुष गुप्ता ने कहा कि हमारी टीमों ने जीतू कुशवाह का शव गहरे पानी से खोज निकाला उसकी डूबकर मौत हुई है मगरमच्छ द्वारा शिकार किये जाने की खबर अफवाह है ऐसी कोई बात नहीं है , शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है, मामले को जाँच में लिया गया है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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