प्रदेश में पहली बार नमाज़ को लेकर इस शहर काज़ी ने की ये बड़ी अपील

प्रदेश में पहली बार नमाज़ को लेकर इस शहर काज़ी ने की ये बड़ी अपील

ग्वालियर। अतुल सक्सेना।

कोरोना के बढ़ते इफेक्ट और लॉक डाउन में घर के अंदर रहने की प्रधानमंत्री की अपील के बाद ग्वालियर के शहर काज़ी ने अपने समाज के लोगों से नमाज़ को लेकर अपील की है। उन्होंने एक पत्र जारी कर कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है इसलिए सब लोग घर में ही रहे और पांच वख्त की नमाज़ अपने घर में ही अदा करें । शहर काज़ी अब्दुल हमीद कादरी ने कहा कि जुमे की नमाज़ भी मस्जिद में जाकर नहीं पढ़े, घर में ही जुहर की नमाज़ अदा करें। क्योंकि हमें भीड़ से बचना है, खुद को, समाज को, प्रदेश को और देश को बचाना है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते इस समय मंदिर मस्जिद, गुरुद्वारे,गिरिजाघर सहित सभी धार्मिक स्थल बंद हैं लेकिन पिछले दिनों जुमे यानि शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में और मस्जिदों के बाहर सड़क पर एक साथ भीड़ लगाकर जमात के साथ नमाज़ अदा की थी। जिसकी बहुत आलोचना हुई थी। ग्वालियर शहर काज़ी अब्दुल हमीद कादरी प्रदेश के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपने समाज के लोगों से नमाज़ को लेकर ये अपील की है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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