ग्वालियर निवासी कक्षा 7वीं के बच्चे को गणतंत्र दिवस परेड में देखने का मिला आमंत्रण, शहर के लोगों ने दी बधाई

प्रतियोगिता में कक्षा 7 वींछात्र सुश्रुत शावरीकर का चयन किया गया है जिसे भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की और से दिल्ली में 26 जनवरी को होने जा रही गणतंत्र दिवस की परेड को देखने हेतु अतिथि के रूप में आमंत्रण पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया है जो ग्वालियर के लिये गौरव की बात है l
Gwalior News

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गणतंत्र दिवस समारोह को देखना या फिर इसमें भाग लेना कई लोगों की खाहिश होती है लेकिन बहुत कम लोग इसे पूरा कर पाते है इसी क्रम में ग्वालियर के सातवीं क्लास के छात्र ने ये गौरव हासिल किया है, उसे गणतंत्र दिवस परेड देखने का आमंत्रण मिला है , छात्र की उपलब्धि पर शहर के लोगों ने उसे शुभकामनायें दी और उसका स्वागत किया है

बता दें गणतंत्र दिवस समारोह-2026 के अंतर्गत, रक्षा मंत्रालय ने My GOV के सहयोग से 20 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक वंदे मातरम के विभिन्न रूपों में गायन की प्रतियोगिता का आयोजन किया था और चयनित लोगों को देहली में 26 जनवरी को होने जा रही गणतंत्र दिवस की परेड को देखने हेतु आमंत्रित किया जाना था।

गणतंत्र दिवस परेड देखने मिला आमंत्रण 

इस प्रतियोगिता में महारूद्र मंडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गाड़वे की गोठ के पूर्व प्राचार्य डॉ जेडी शावरीक के पौत्र एवं डॉ.सुब्रत शावरीकर के कक्षा 7 वीं में अध्ययनरत पुत्र छात्र सुश्रुत शावरीकर का चयन किया गया है जिसे भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की और से दिल्ली में 26 जनवरी को होने जा रही गणतंत्र दिवस की परेड को देखने हेतु अतिथि के रूप में आमंत्रण पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया है जो ग्वालियर के लिये गौरव की बात है l

छात्र को शहर के लोगों ने दी बधाई 

देश में ग्वालियर का नाम रोशन करने पर शहर के लोगों ने छात्र के घर जाकर उसे शुभकामनायें दी, पुष्पहार पहनकर उसका स्वागत किया l बधाई देने वालों में जिला भाजपा अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, पूर्व पार्षद आनंद शर्मा,मंडल अध्यक्ष अमर कुटे, दिनेश जैन, सुनील पांडे,जय सिंह सेंगर, डॉ एम एल माहौर एवं पंकज मिश्र शामिल हैं l

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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