ग्वालियर में डिजिटल सिग्नेचर चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है, चोरी का आरोप भाजपा पार्षद पर लगा गई, नगर निगम कमिश्नर ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है, पत्र के साथ कर्मचारियों के कथन भी सबमिट किये गए हैं और साथ ही सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे है जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने आज विश्वविद्यालय थाना प्रभारी को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने ब्रजेश श्रीवास नामक व्यक्ति पर टेंडर सेल से सहायक यंत्री का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डोंगल) चोरी करने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है।
कमिश्नर द्वारा लिखे पत्र के मुताबिक 23 जुलाई को नगर निगम मुख्यालय स्थित टेंडर शाखा में विद्युत विभाग के प्रकरण में टेंडर लगाने के लिये रामबाबू दिनकर प्रभारी सहायक यंत्री विद्युत का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डोंगल, डीएससी) टेबल पर रखा हुआ था उसी समय वहां अनाधिकृत रूप से बृजेश श्रीवास टेंडर शाखा में आये और अकारण ही कार्यालय में बैठे रहे। कुछ समय के बाद बृजेश श्रीवास चले गए उनके जाने के बाद विद्युत शाखा के प्रकरणों में टेण्डर लगाये जाने हेतु डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट की जरुरत पड़ी हुई लेकिन वो कहीं नहीं मिला वो ऑफिस से ही गायब था।
सीसीटीवी में डोंगल उठाते कैद हुए पार्षद
शाम तक डिजिटल सिग्नेचर के लिए डोंगल को खोजते रहे लेकिन जब वो नहीं मिला तो ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग चैक की गई जिसमें बृजेश श्रीवास टेबल पर रखे डिजिटल हस्ताक्षर सर्टिफिकेट को उठाते हुए अपनी जेब में रखते दिखाई दिए। सीसीटीवी में चोरी होना दिखाई देने पर उन्होंने कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों बनवारी बाथम, दुष्यंत शर्मा और लवलेश श्रीवास्तव के कथन लिए और एवं सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग के साथ पुलिस को सौंप दिए। हालाँकि ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। कमिश्नर ने जो बयान अपने कर्मचारियों के दर्ज किये हैं उसमें ब्रजेश श्रीवास को वार्ड क्रमांक 21 का पार्षद बताया गया है जो भारतीय जनता पार्टी से आते हैं।
थाना प्रभारी, थाना विश्वविद्यालय।





