MP Breaking News

ग्वालियर में पुलिसकर्मी को ब्लैक कोबरा ने डसा, थाना प्रभारी ने AI की मदद से जानी प्रजाति एवं जहर का पैटर्न, सही उपचार से बची जान

ग्वालियर में एक हेड कॉन्स्टेबल को ब्लैक कोबरा ने दो बार डसा, जिसके बाद थाना प्रभारी ने AI की मदद से सांप की प्रजाति की पहचान एवं जहर का पैटर्न जाना। इसके बाद डॉक्टरों ने समय पर सही एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए, जिससे उनकी जान बच गई।
Gwalior News

इस समय देशभर में मानसून का दौर जारी है। बारिश के कारण सांप, बिच्छू समेत कई तरह के जीव-जंतु अपने ठिकानों से बाहर निकल आते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में सर्पदंश के मामले भी बढ़ जाते हैं। अक्सर सांप के काटने के बाद लोगों के लिए यह पहचानना मुश्किल होता है कि सांप किस प्रजाति का था। ऐसे में सही उपचार में भी देरी हो सकती है।

हालांकि, डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से सांप की प्रजाति की पहचान करना संभव हो रहा है। खास बात यह है कि इस तकनीक के बारे में अभी भी ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है जहां AI की मदद से सांप की प्रजाति की पहचान कर सही उपचार लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

ग्वालियर में एक हेड कॉन्स्टेबल जो अपने सरकारी आवास में आराम कर रहे थे, उनको एक ब्लैक कोबरा ने हाथ में दो बार डंस लिया। जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। अन्य पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल ही अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। वहीं थाना प्रभारी ने AI की मदद से सांप की प्रजाति एवं जहर के पैटर्न को जाना। जिसके बाद डॉक्टरों ने समय पर सही एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए, जिससे उनकी जान बच गई।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि हम जिस घटना की बात कर रहे हैं वह ग्वालियर के बिजौरा थाने की है। जहां थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल पूरन सिकरवार, जो अपने सरकारी आवास में आराम कर रहे थे, तभी एक ब्लैक कोबरा ने उनके एक ही हाथ में दो बार डस लिया। जिसके बाद वे दर्द से तड़पने लगे और मदद के लिए आवाज दी।

हेड कॉन्स्टेबल की तेज आवाज सुनकर थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव और थाने के अन्य पुलिसकर्मी उनके कमरे की ओर भागे और देखा कि हेड कॉन्स्टेबल दर्द से तड़प रहा है। तभी मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए हेड कॉन्स्टेबल को अस्पताल पहुंचाया और भर्ती किया। डॉक्टरों के मुताबिक दो बार डंसने के कारण उनकी स्थिति गंभीर थी। चिकित्सकों ने जरूरी एंटी-वेनम और अन्य दवाएं दीं। समय पर इलाज शुरू होने के बाद उनकी हालत में सुधार आया।

थाना प्रभारी ने AI की मदद से पहचानी सांप की प्रजाति

बता दें कि हेड कॉन्स्टेबल को अस्पताल ले जाने से पहले थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव ने सांप की प्रजाति की पहचान के लिए AI की मदद ली। उन्होंने बिना समय गंवाए सांप की तस्वीर खींचकर उसे एक AI टूल पर अपलोड किया। AI ने सांप की पहचान ब्लैक कोबरा के रूप में की और उसके न्यूरोटॉक्सिक जहर से जुड़े प्रभावों की जानकारी दी।

थाना प्रभारी ने सांप की तस्वीर और AI से मिली जानकारी अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों के साथ शेयर कर दी। इससे डॉक्टरों को सांप की संभावित प्रजाति के बारे में पहले से जानकारी मिल गई और उपचार की तैयारी करने में मदद मिली।

पुलिसकर्मियों ने सांप को पकड़ा

प्रधान आरक्षक को अस्पताल भेजने के बाद थाना प्रभारी और पुलिस टीम ने क्वार्टर में मौजूद सांप को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने सावधानी बरतते हुए कोबरा को पकड़ लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद क्वार्टर में मौजूद पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों पर मंडरा रहा खतरा भी टल गया।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews
ग्वालियर में पुलिसकर्मी को ब्लैक कोबरा ने डसा, थाना प्रभारी ने AI की मदद से जानी प्रजाति एवं जहर का पैटर्न, सही उपचार से बची जान - MP Breaking News