Hindi News

कलेक्टर जनसुनवाई में हंगामा, कार्रवाई नहीं होने से नाराज़ युवक की SDM से तीखी झड़प, धक्का-मुक्की, पुलिस ने पकड़ा

Written by:Atul Saxena
Last Updated:
ग्वालियर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे एक युवक ने आज उस समय आप खो दिया जब उसे आज दो साल बाद भी उसकी शिकायत पर सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन मिला, उसने चिल्लाना शुरू कर दिया उसकी एसडीएम से तीखी बहस हो गई ।
कलेक्टर जनसुनवाई में हंगामा, कार्रवाई नहीं होने से नाराज़ युवक की SDM से तीखी झड़प, धक्का-मुक्की, पुलिस ने पकड़ा

ग्वालियर कलेक्टर की जनसुनवाई में आज उस समय अप्रिय स्थिति बन गई जब एक युवक ने वहां हंगामा कर दिया, युवक उसके शिकायती आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज था, उसने दो साल पहले अवैध कॉलोनी की शिकायत की थी तब से लगातार आवेदन दे रहा है आज जब उसे फिर आश्वासन मिला तो उसने आपा खो दिया और एसडीएम से भिड़ गया, पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है।

जानकारी के मुताबिक मुरार क्षेत्र में रहने वाला मिथुन परिहार ने आज ग्वालियर कलेक्टर की जनसुनवाई में उस समय हंगामा शुरु कर दिया जब उसे हमेशा की तरह कार्रवाई करने का आश्वासन मिला, अधिकारियों की बात सुनकर मिथुन भड़क गया और जोर जोर से चिल्लाने लगा।

एसडीएम और युवक के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की  

इसी बीच वहां मौजूद एसडीएम कुलदीप दुबे से उसकी बहस शुरू हो गई, हालाँकि वहां एक पुलिसकर्मी बीचबचाव करने और युवक को शांत करने का प्रयास कर रहा था लेकिन उसका गुस्सा शांत नहीं हो रहा था वो मोबाइल में कुछ दिखाने जा रहा था तभी एसडीएम ने उसे पकड़कर उसका मोबाइल छीनना चाहा और उसे जमीन पर धकेलने का प्रयास किया।

2023 में अवैध कॉलोनी की शिकायत की थी तब से सिर्फ आश्वासन मिला   

पुलिसकर्मी के बीचबचाव के बाद युवक को अलग किया गया लेकिन उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ, मिथुन ने कहा वो बार बार जनसुनवाई में आता है और हर बार उसे आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है उसने ग्राम करीगवाँ में अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करने की शिकायत सबसे पहले 14 मार्च 2023 में की थी तब से लगातार जनसुनवाई में आवेदन दे रहा है लेकिन कोई सुन नहीं रहा।

पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया, लोगों में रोष 

हंगामे को देखकर विश्वविद्यालय थाने से पुलिस फ़ोर्स बुलाया गया और पुलिस मिथुन को हिरासत में लेकर अपने साथ थाने ले गई, इस बीच जितनी देर हंगामा चला उतनी देर जनसुनवाई बाधित रही, उधर अधिकारियों के व्यवहार पर लोगों में नाराजगी देखी गई, अपनी परेशानी लेकर आने वाले लोगों ने कहा जब दो साल से कोई परेशान है तो वो आक्रोशित होगा ही लेकिन उसे धक्का देकर गिराना पुलिस से पकड़वा देना गलत बात है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews