
Gwalior News : मध्य प्रदेश में उपार्जन केंद्रों में इस समय फसलों की खरीदी की जा रही है, ग्वालियर जिले में भी सरसों की खरीदी की जा रही है, उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए गर्मी से बचाव के उपाय सहित अन्य पर्याप्त व्यवस्थाएं करने के निर्देश शासन ने दिए हैं साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए।
कलेक्टर ने सरसों की नमी, अफसरों की ली क्लास
ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने आजआंतरी में संचालित उपार्जन केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपार्जन केन्द्र पर नमी मापी यंत्र से एक किसान की सरसों की नमी (मॉश्चर) की स्वयं जाँच की। जाँच में सरसों की नमी मापदण्डों के अनुरूप पाई गई। कलेक्टर ने उपार्जन से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन किसानों की सरसों निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप है, उन्हें मॉश्चर ठीक न होने के नाम पर परेशान नहीं किया जाए, अन्यथा संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
सरसों के लिए 8 प्रतिशत तक नमी मान्य
कलेक्टर श्रीमती चौहान द्वारा की गई जाँच में सरसों में लगभग 7.5 प्रतिशत नमी पाई गई। ज्ञात हो कि सरसों उपार्जन के लिये 8 प्रतिशत तक नमी मान्य है। खरीदी केन्द्र के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार, एसडीएम भितरवार डी एन सिंह तथा नागरिक आपूर्ति, खाद्य विभाग एवं उपार्जन से जुड़े अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
किसानों को बेवजह परेशान नहीं करने की चेतावनी
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने उपार्जन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी केन्द्र परिसर में किसानों के बैठने के लिये छाया व पेयजल की बेहतर व्यवस्था की जाए। साथ ही जिन किसानों द्वारा स्लॉट बुक कराए हैं उनकी सरसों के उपार्जन में देरी न हो। व्यवस्था ऐसी हो कि किसानों को अपनी बारी का कम से कम इंतजार करना पड़े। कलेक्टर ने किसानों को भी सलाह दी कि वे साफ-सुथरी व सूखी हुई सरसों लेकर आएँ, जिससे जल्द से जल्द खरीदी हो सके। खरीदी केन्द्र पर जरूरत पड़ने पर किसानों की फसल छानने की व्यवस्था भी की गई है।

यहाँ बता दें कि आंतरी की सेवा सहकारी संस्था द्वारा श्रीराम वेयर हाउस में स्थापित उपार्जन केन्द्र में समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीदी की जा रही है। इस केन्द्र पर 361 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिये पंजीयन कराया है। इस खरीदी केन्द्र पर अब तक 550 क्विंटल से अधिक सरसों का उपार्जन हो चुका है।
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Atul Saxena
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....
पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →

