Gwalior News : बड़े साहब के निर्देश, कौन कर सकता है मीडिया से बात, कौन नहीं? पढ़ें पूरी खबर

Gwalior News : बड़े साहब के निर्देश, कौन कर सकता है मीडिया से बात, कौन नहीं? पढ़ें पूरी खबर

Gwalior News :  ग्वालियर के नगर निगम के बड़े साहब यानि कमिश्नर हर्ष सिंह को अभी आये हुए कुछ ही दिन हुए हैं, वे ग्वालियर नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यशैली, शहर के हालात, शहर के लोगों की आदतों को समझ रहे हैं, इस बीच उन्हें अपने अधीनस्थों की एक आदत का पता चला जिसपर रोक लागने के आदेश उन्होंने आज जारी कर दिए, अपने आदेश में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि ये तत्काल प्रभावशील होगा।

अख़बारों, मीडिया चैनल्स और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ग्वालियर नगर निगम की ख़बरें प्रमुखता से छापी और दिखाई जाती हैं, खबरनवीस यानि पत्रकार अपने सोर्स के आधार पर नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों की कारगुजारियां शहर की जनता के सामने लाते हैं, इसके लिए वे संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी का वर्जन भी लेते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

निगम कमिश्नर ने अपने आदेश में दिए ये निर्देश 

बड़े साहब यानि ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर हर्ष सिंह ने आज मंगलवार को एक आदेश जारी किया है जिसमें उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अब से किसी भी समाचार पत्र में कोई भी निगम कर्मचारी अधिकारी वर्जन नहीं दे सकेगा, आदेश में कहा गया है कि बहुत से कनिष्ठ (जूनियर) शासकीय सेवक समाचार पत्रों में ख़बरों के लिए वर्जन देते हैं जो अत्यंत खेदजनक है।

ये अधिकारी ही दे सकेंगे मीडिया में वर्जन 

कमिश्नर हर्ष सिंह ने आदेश दिया कि अब से ये नहीं चलेगा, अब केवल वो यानि कमिश्नर, सम्बंधित विभाग का अपर आयुक्त (एडिशनल कमिश्नर) और नगर निगम जन संपर्क अधिकारी ही ख़बरों में वर्जन दे सकेंगे अन्य कोई कर्मचारी अधिकारी वर्जन ना दे।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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