
lokayukta police action
Gwalior Lokayukta Police Action: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देश के चलते मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस की टीमें एक्शन मोड में हैं, लोकायुक्त की कार्रवाई से हडकंप तो मचा हुआ है लेकिन घूसखोरी की आदत से मजबूर सरकारी अधिकारी कर्मचारी अभी भी बेख़ौफ़ रिश्वत ले रहे हैं।
ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने आज ग्वालियर नगर निगम के कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, रिश्वत लेते पकड़ा कर्मचारी भृत्य है, जिसने टीसी यानि संपत्ति कर संग्रहक के कहने पर रिश्वत की रही ली, लोकायुक्त पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
नगर निगम कर्मचारियों की लोकायुक्त में शिकायत
लोकायुक्त ग्वालियर एसपी राजेश मिश्रा से मिली जानकारी के मुताबिक शेरो वाली माता मंदिर के पास गुढा लश्कर में रहने वाले रिटायर्ड पुलिस एएसआई राजेन्द्र सिंह कुशवाह ने एक शिकायती आवेदन कार्यालय में दिया था जिसमें नगर निगम ग्वालियर के क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 21 में पदस्थ वार्ड क्रमांक 52 के संपत्ति कर संग्रहक (टीसी) पर रिश्वत मांगने के आरोप थे।
रिटायर्ड पुलिस एएसआई से मांगी रिश्वत
आवेदन में लिखा था कि आवेदक की पत्नी स्वर्गीय श्रीमती मुन्नीदेवी के नाम से प्रीतमपुर कॉलोनी स्थित मकान का फौती नामांतरण करवाने के एवज में टीसी सौरभ तोमर एवम भृत्य आकाश कुशवाह दोनों ने मिलकर 15000 रुपये रिश्वत की मांग की है। मामला 10 हजार में तय हुआ जिसमें से 2 हजार रुपये वे दे चुके हैं।
रिश्वत लेते टीसी और भृत्य गिरफ्तार
शिकायती आवेदन मिलने के बाद शिकायत का सत्यापन करवाकर कार्यवाहक डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह के नेतृत्व में निरीक्षक कवींद्र सिंह चौहान,रानीलता नामदेव,अंजलि शर्मा सहित 15 सदस्यीय टीम गठित की गई और ट्रेप प्लान की गई। आज 27 दिसंबर को टीसी सौरभ तोमर ने अपने सहयोगी (भृत्य) आकाश कुशवाह को रिश्वत की राशि 8000/- रुपये लेने के लिए कंपू हॉकर्स जोन भेजा यहाँ जैसे ही रिश्वत की राशि दी गई लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। लोकायुक्त पुलिस टीसी सौरभ तोमर की तलाश कर रही है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

