Gwalior News : सीमा पर दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले फौजी के साथ लाखों की ठगी, दबंगों ने लगा दी सीने पर बंदूक, लगा रहा पुलिस के चक्कर

महाराजपुरा पुलिस थाने के बहुत चक्कर लगाए तो कई महीनों की मशक्कत के बाद तीन दिन पहले पुलिस ने एफआईआर की है लेकिन आरोपी अभी भी खुले में घूम रहे हैं अब एसपी साहब से आरोपियों की गिरफ़्तारी की गुहार लगा रहा हूँ।
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Gwalior News : इसे विडम्बना ही कहेंगे कि सीमा पर खड़ा एक फौजी दुश्मन से तो लड़ सकता है लेकिन जब संकट खुद पर आता है तो उसे मदद के लिए गुहार लगानी पड़ती है, ऐसी ही गुहार इन दिनों पुलिस से एक फौजी कर रहा है और पुलिस थानों के चक्कर लगा रहा है, उसके साथ हुई लाखो रुपये की ठगी की शिकायत के बाद बड़ी मुश्किल के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन अब फौजी आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस के पास फरियाद कर रह है, उसका कहना है कि मुझे जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं आरोपी खुले आम घूम रहे हैं, मैं ड्यूटी पर भी नहीं जा पा रहा हूँ।

एक फौजी सीमा पर तैनात रहकर दुश्मन से देश की रक्षा करता है और पुलिस पर देश के अन्दर रहकर समाज के दुश्मनों से लोगों की रक्षा करने का जिम्मा रहता है, लेकिन पुलिस एक सैनिक के लिए कितनी गंभीर रहती है इसका ताजा उदाहरण ग्वालियर में देखने को मिला है जहाँ एक फौजी उसके साथ हुए अपराध के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहा है।

फौजी के साथ 40 लाख की ठगी 

दरअसल महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम में रहने वाले सत्यभान सिंह सेना में नौकरी करते है और इस समय वे श्रीनगर के बारामुला में तैनात हैं, उनके मुताबिक उनके कुछ परिचितों अनुराग चौहान, नीरज शर्मा और सूरज हर्षाना ने उन्हें पैसा इन्वेस्ट करने के नाम पर एक फर्म में उनका 40 लाख रुपया लगवा दिया और भरोसा दिया कि जिसका मुनाफा उन्हें दिया जायेगा लेकिन मुझे कोई मुनाफा नहीं दिया।

आरोपियों ने सीने पर लगा दी बंदूक, दे रहे जान से मारने की धमकी 

सत्यभान ने बताया कि जब मैंने उनसे अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने मेरे साथ अभद्रता की, एक दिन मेरे सीने पर बंदूक लगा दी, मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं,  महाराजपुरा पुलिस थाने के बहुत चक्कर लगाए तो कई महीनों की मशक्कत के बाद तीन दिन पहले पुलिस ने एफआईआर की है लेकिन आरोपी अभी भी खुले में घूम रहे हैं अब एसपी साहब से आरोपियों की गिरफ़्तारी की गुहार लगा रहा हूँ ,  फौजी ने कहा कि वो ड्यूटी पर नहीं जा पा रहा, उसने जिनसे पैसे लेकर बिजनिस में लगाने के लिए दिए उन लोगों को मैं वापस  नहीं कर पा रहा।

पुलिस दे रही अपना तर्क 

एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा ने कहा शिकायत के बाद अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है, फौजी की एफआईआर में देरी एक सवाल पर एडिशनल एसपी ने कहा कि धोखाधड़ी के अपराध की जाँच में समय लगता है, उनके आवेदन पर जाँच के बाद एफआईआर की गई है, वैसे भी ये व्यक्तिगत लेनदेन का मामला है इन्हें खुद सतर्क रहना था, फिर भी पुलिस ने अपराध दर्ज किया है आरोपियों की जल्दी गिरफ़्तारी की जाएगी।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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