Gwalior News : ऑटो चालक के अंधे कत्ल का पर्दाफाश, साथी निकले आरोप, दो गिरफ्तार

खास बात ये है कि हत्या करने के बाद आरोपी परिजनों के साथ मोंटू को तलाशने का नाटक करते रहे जिससे उन पर  कोई शक ना करे लेकिन कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर हो पुलिस की निगाह से बच नहीं सकता , ग्वालियर पुलिस ने भी इस अंधे क़त्ल की घटना का खुलासा एक ही दिन में कर दिया।
Gwalior blind murder

Gwalior News : ग्वालियर पुलिस ने ऑटो चालक के अंधे क़त्ल का पर्दाफाश किया है, आरोपी ऑटो चालक के साथी ही निकले, पुलिस पूछताछ में जो कहनी सामने आई है उसके मुताबिक आरोपी की नौकरी छूट गई थी और उसे शक था कि इसमें मृतक का ही हाथ हैं इसलिए उसने  इसका बदला लिया और पुलिस से बचने के लिए लाश को जंगल में फेंका और ऑटो को घटनास्थल से बहुत दूर लावारिस छोड़ दिया।

एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि गिरवाई थाना क्षेत्र में रहने वाला 21 साल का ऑटो चालक मोंटू सविता 27 मई से ऑटो सहित गायब था परिजनों ने इसकी गुशुदगी दर्ज कराई थी, पुलिस तफ्तीश कर रही थी इसी बीच कल 30 मई को गिरवाई थाना क्षेत्र में नयागांव से बनवार की ओर जाने वाली रोड पर जंगली क्षेत्र में पुलिस को एक शव मिला जो लगभग डीकम्पोज स्थिति में था, इसकी पहचान मोंटू सविता के रूप में हुई। 

शव की पहचान हो जाने के बाद घटना के तकनीकी साक्ष्य पुलिस ने जुटाना शुरू किये और पुलिस ने इसके ऑटो की तलाश शुरू की तो ऑटो जौरासी घाटी के पास लावारिस हालत में मिला, ऑटो में खून के धब्बे मिले फिर पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर दो संदिग्ध अमन कुशवाह और ओमप्रकाश उर्फ़ ओमी उर्फ़ सचिन कुशवाह को उठा लिए, पुलिस ने जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

शव जंगल में फेंका, ऑटो दूसरे थाने की सीमा में छोड़ा 

एसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि ओमप्रकाश जहाँ किराये का ऑटो चलाता था उसके मालिक को मोंटू ने कहा कि ओमप्रकाश के पास लाइसेंस नहीं है और ये बहुत ख़राब तरीके से ऑटो चलाता है, शिकायत के कुछ समय बाद ऑटो मालिक ने ओमप्रकाश से ऑटो वापस ले लिया ओमप्रकाश को नौकरी जाने से गुस्सा आ गया उसे लगा कि मोंटू ने मेरी नौकरी खा ली, उसने अपने साथी अमन के साथ हत्या की प्लानिंग की और जैसे ही मोंटू सविता ऑटो लेकर उन्हें मिला ये उसे अपने साथ ले गए उसपर हमला किया और ऑटो में ही उसकी हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंक दिया और ऑटो को पनिहार थाने की सीमा में जौरासी घाटी के पास सुनसान जगह पर लावारिस  छोड़ दिया था।

हत्या के बाद परिजनों के साथ तलाशने का नाटक करते रहे आरोपी 

खास बात ये है कि हत्या करने के बाद आरोपी परिजनों के साथ मोंटू को तलाशने का नाटक करते रहे जिससे उन पर  कोई शक ना करे लेकिन कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर हो पुलिस की निगाह से बच नहीं सकता, ग्वालियर पुलिस ने भी इस अंधे क़त्ल की घटना का खुलासा एक ही दिन में कर दिया।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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