Gwalior News : चुनाव से पहले आपस में भिड़े कांग्रेस नेता, मामला पहुंचा पुलिस थाने, FIR दर्ज

Gwalior News : चुनाव से पहले आपस में भिड़े कांग्रेस नेता, मामला पहुंचा पुलिस थाने, FIR दर्ज

Gwalior News : एकता और एकजुटता के दावे कर रही कांग्रेस की हकीकत ग्वालियर में सामने आई है जब उसके दो नेता आपस में उलझ गए और मामला पुलिस तक पहुँच गया। पुलिस ने फिर एक नेता की शिकायत प्र दुसरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है बताया जा रहा है कि दोनों नेता आपस में रिश्तेदार भी हैं।

कांग्रेस इस समय चुनावों में जुटी है, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी विदेशों में जाकर अपनी पार्टी की एकता और अपनी भारत जोड़ो यात्रा की सफलता की कहानी सुना रहे हैं, उनकी पार्टी भारत में हाथ से हाथ जोड़ो यात्रायें निकल रही है, मप्र कांग्रेस के आह्वान पर कांग्रेस के नेता घर घर जाकर अपनी पार्टी के चुनावी वादे, 100 यूनिट बिजली मुफ्त, 1500 रुपये महीना (महिलाओं को) 500 रुपये में गैस सिलेंडर आदि याद दिला रहे हैं।

लेकिन इसी बीच आज ग्वालियर में कांग्रेस के दो नेताओं एक बीच गाली गलौज की खबर भी सामने आई है, जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री दशरथ सिंह गुर्जर और पूर्व महामंत्री साहब सिंह गुर्जर का आज आपस में किसी बात पर विवाद हो गया।

दशरथ सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि साहब सिंह गुर्जर ने उनके साथ गाली गलौज की और धमकी की, उन्होंने इस आधार पर गोले का मंदिर थाने में एफ आई आर दर्ज कराई हैं, एडिशनल एसपी ऋषिकेश मीणा ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेता आपस में रिश्तेदार हैं, शिकायत दर्ज हुई है साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि साहब सिंह गुर्जर दबंग नेता हैं, वे लम्बे समय से कांग्रेस में हैं लेकिन टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और 2018 में बीएसपी के टिकट पर ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें हार मिली थी जिसके बाद उन्होंने पुनः कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी, इस समय वे एक बार फिर ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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