Gwalior News : जीवाजी यूनिवर्सिटी के ड्राइवर का संदिग्ध हालत में मिला शव, बॉडी के पास मिली शराब की बोतल

Gwalior News : जीवाजी यूनिवर्सिटी के ड्राइवर का संदिग्ध हालत में मिला शव, बॉडी के पास मिली शराब की बोतल

Gwalior News : जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर के एक ड्राइवर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उसके सरकारी आवास से मिला है, ड्राइवर का नाम भूपेन्द्र आदिवासी है, पुलिस को शव के पास से शराब की बोतल भी मिली है आशंका जताई जा रही है कि अधिक शराब पीने की वजह से मौत हुई है, पुलिस ने शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है, पीएम  रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह सामने आएगी

ग्वालियर के सिटी सेंटर क्षेत्र में जीवाजी यूनिवर्सिटी के सरकारी क्वार्टर बने हुए हैं। यहाँ रहने वाले लोगों को जब एक क्वार्टर से कुछ बदबू आई तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। यूनिवर्सिटी थाना पुलिस जब वहां पहुंची और क्वार्टर खुलवाया तो वहां एक शव मिला, शव दो तीन दिन पुराना दिखाई दे रहा था, पुलिस को शव के पास ही शराब की बोतल भी मिली।

पुलिस ने जब पड़ोसियों से पूछताछ की तो पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि मृतक का नाम भूपेन्द्र आदिवासी है वो यूनिवर्सिटी में ड्राइवर है यहाँ अकेला रहता है। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को इसकी सूचना दी, मृतक के ससुर ने बताया कि उनका दामाद ड्राइवर था और कुछ बीमार रहता था और नशा भी करता था।

पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर उसे पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया, सीएसपी रत्नेश सिंह तोमर ने बताया कि पुलिस को शुरूआती जाँच में शव के पास शराब की बोतल मिली है, पड़ोसियों के बयान लिए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चल पायेगी।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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