Gwalior News : जिला प्रशासन का नवाचार, अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम, नाम रहेगा गोपनीय

राज्य शासन द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सभी एसडीएम, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ और परियोजना अधिकारी महिला-बाल विकास को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया है।  जिले में कहीं पर बाल विवाह नजर आए तो इस संबंध में टोल फ्री नम्बर 1098 अथवा मोबाइल फोन नम्बर 9074588052 पर दी जा सकती है।
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Gwalior News : अक्षय तृतीया पर होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में कहीं चोरी छिपे बाला विवाह न हो जाये इस बात की फ़िक्र जिला प्रशासन को है , प्रशासन ने हालाँकि इसके लिए दल गठित कर दिए है साथ ही शहर के लोगों से अपील की है उन्हें यदि कहीं बाल विवाह होते दिखाई देता है तो वे सूचित करें, उनकी सूचना सही पाए जाने पर उन्हें इनाम दिया जायेगा और उनका नाम गोपनीय रखा जायेगा।

शादी के लिए सनातन संस्कृति में माने गए अबूझ मुहूर्त बसंत पंचमी, फुलेरा दौज औरअक्षय तृतीया में से, अक्षय तृतीया यानि आखा तीज कल 10 मई को है, इस दिन ऐसे युवक युवतियों की शादी कराई जाती है जिनके लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं निकलता और उन्हें शादी करनी होती है, इस दिन शासकीय योजनाओं के तहत सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कराए जाते हैं। ग्वालियर में भी आयोजन होंगे और इनमें संभावित बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशसन ने पुख्ता इंतजाम किये हैं।

सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम , नाम रहेगा गोपनीय 

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने 10 मई को अक्षय तृतीया पर होने सामहिक विवाह समारोह या फिर व्यक्तिगत विवाह समरोह के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की अध्यक्षता में दल गठित किए हैं। साथ ही बाल विवाह की सूचना प्राप्त करने के लिये टोल फ्री नम्बर 1098 भी जारी किया है। इस फोन नम्बर पर कोई भी व्यक्ति बाल विवाह के संबंध में सूचना दे सकेगा जिसपर बाल विवाह की सूचना सही पाए जाने पर सूचना देने वाले व्यक्ति को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत दिया जायेगा। बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति के नाम की पूरी गोपनीयता भी रखी जायेगी।

टोल फ्री नम्बर 1098 अथवा मोबाइल नम्बर 9074588052 पर दी जा सकती है बाल विवाह की सूचना 

सहायक संचालक महिला-बाल विकास राहुल पाठक ने बताया कि बाल विवाह में सहयोग करने वाले सेवा प्रदाताओं मसलन प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, धर्मगुरू, बैंड व टेंट वाले भी बाल विवाह अधिनियम के तहत दोषी माने जायेंगे। राज्य शासन द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सभी एसडीएम, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ और परियोजना अधिकारी महिला-बाल विकास को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया है।  जिले में कहीं पर बाल विवाह नजर आए तो इस संबंध में टोल फ्री नम्बर 1098 अथवा मोबाइल फोन नम्बर 9074588052 पर दी जा सकती है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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