Gwalior News : नगर निगम के दरोगा ने महिला सफाई कर्मचारी से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

शिकायत मिलने के बाद अगले दिन 25 मई को कोमल बाल्मीकि को रिकॉर्डर दिया गया और फिर रिश्वत मांगने का सुबूत मिल जाने के बाद 27 को अनूप पारछे के खिलाफ FIR दर्ज की गई और आज सुबह GDA ऑफिस के सामने सफाई दरोगा को 2000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।  
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Gwalior News : भ्रष्टाचार पर लगातार एक्शन के बाद भी सरकारी कर्मचारी अधिकारी रिश्वत लेने से खौफ नहीं खा रहे, वो रिश्वत की डिमांड भी कर रहे हैं और खुले आम रिश्वत ले भी रहे हैं, ऐसा ही एक मामला ग्वालियर में सामने आया है जिसमें नगर निगम का सफाई दरोगा अपने ही अंडर में काम करने वाली महिला सफाई कर्मचारी से 2000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है।

सफाई दरोगा ने महिला सफाई कर्मी से मांगी रिश्वत 

लोकायुक्त डीएसपी राघवेन्द्र ऋषिश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम में काम करने वाली महिला सफाई कर्मचारी कोमल बाल्मीकि ने 24 मई को एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उसने वार्ड 32 जोन क्रमांक 6 के सफाई दारोग अनूप पारछे उर्फ़ अन्नी पर छुट्टी देने के बदले 2000 रुपये की रिश्वत मांगने की बात कही थी।

शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल में फंसाया, रंगे हाथ पकड़ा 

शिकायत मिलने के बाद अगले दिन 25 मई को कोमल बाल्मीकि को रिकॉर्डर दिया गया और फिर रिश्वत मांगने का सुबूत मिल जाने के बाद 27 को अनूप पारछे के खिलाफ FIR दर्ज की गई और आज सुबह GDA ऑफिस के सामने सफाई दरोगा को 2000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

सभी सफाई कर्मचारियों से लेता है पैसा

उधर शिकायत करने वाली कोमल बाल्मीकि ने बताया कि अनूप पारछे से हमारी वार्ड के सभी सफाई कर्मी परेशान हैं, हमें जो 4 सरकारी छुट्टी मिलती है ये उसके बदले 500 रुपये प्रति छुट्टी के हिसाब से मांगता है नहीं तो नागा लिखकर पैसे कटवा देता है, पिछले एक साल से हम लोग परेशान है , हम लोग चुपचाप पैसे देकर अपना पेट पाल रहे है लेकिन अब जब सहन नहीं हुआ तो इसकी लोकायुक्त में शिकायत की।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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