पायलट की एंट्री से पहले पोस्टर वार, कांग्रेस से सवाल- ‘धोखेबाजी और कितना करोगे’

पायलट की एंट्री से पहले पोस्टर वार, कांग्रेस से सवाल- ‘धोखेबाजी और कितना करोगे’

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| मध्यप्रदेश (MadhyaPradesh) की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (Byelection) को लेकर कांग्रेस का सबसे ज्यादा फोकस ग्वालियर चम्बल (Gwalior-Chambal) की सीटों पर हैं| जहां कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को उनके गढ़ में घेरने की रणनीति के तहत उनके पुराने दोस्त राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) को स्टार प्रचारक बनाने की तैयारी कर रही है| गुर्जर बाहुल्य सीटों पर पायलट को प्रचार के लिए उतारने से पहले पोस्टर वार शुरू हो गया है|

दरअसल, ग्वालियर (Gwalior) में लगाया गया एक पोस्टर चर्चा में है| गुर्जरों द्वारा लगाए गए ये पोस्टर्स पायलट के समर्थन में हैं, लेकिन कांग्रेस के विरोध में हैं। पायलट को लेकर लगाए गए इस पोस्टर में लिखा है कि कांग्रेस और कितना अपमान और धोखेबाजी उनके साथ करेगी| कांग्रेस पार्टी ने पायलट को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर उनसे 5 साल मेहनत करवाई और जब मुख्यमंत्री बनाने का समय आया तो बुजुर्ग अशोक गहलोत को यह जिम्मेदारी दे दी। पायलट ने जब अपने हक की मांग की तो पद छीन लिया| एवं नाकारा और निकम्मा कहा गया, अब स्वाभिमानी गुर्जर समाज का वोट चाहिए कांग्रेस को..?

मैदान में आमने-सामने होंगे दो ‘जिगरी दोस्त’
जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके की हैं| जहां कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का प्रभाव माना जाता है| ऐसे में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) ने सिंधिया की घेराबंदी के लिए बड़ा दांव चला है| कांग्रेस ने तय किया है कि वह ग्वालियर-चंबल संभाग में पार्टी के पक्ष में प्रचार कराने के लिए राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) को उतारेगी। सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच अच्छी दोस्ती मानी जाती है| जब पायलट ने राजस्थान में बगावती तेवर दिखाए थे, तो सिंधिया ने उनके समर्थन में बयान भी दिया था| जिसके बाद ऐसी चर्चा भी शुरू हो गई थी, क्या सिंधिया की तरह उनके दोस्त पायलट भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं| लेकिन इन सभी चर्चाओं पर खुद पायलट ने ही विराम लगा दिया|

सिंधिया को अपने ही गढ़ में घेरने की रणनीति
पायलट को सिंधिया के खिलाफ मैदान में प्रचार के लिए उतारना कांग्रेस की एक सोची समझी रणनीति मानी जा रही है| कांग्रेस में रहते हुए सिंधिया और पायलट की जोड़ी की चर्चा खूब होती थी। दोनों कई मौकों पर पूर्व में एक साथ देखे जाते रहे हैं। लेकिन अब स्थिति बदली है, तो कमलनाथ ने पायलट का प्रयोग सिंधिया के खिलाफ करने का प्लान बनाया है| वहीं जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके की हैं| इनमें कई सीटें ऐसी हैं जहां गुर्जर मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है| लेकिन उनके दौरे से पहले ही इन पोस्टर्स से नया ट्विस्ट आ गया है। गुर्जरों द्वारा लगाए गए ये पोस्टर कांग्रेस की रणनीति फेल भी कर सकती है|

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