International Yoga Day: ग्वालियर के ऐतिहासिक दुर्ग पर हुआ सामूहिक योगाभ्यास, ऊर्जा मंत्री ने कही ये बड़ी बात

International Yoga Day: ग्वालियर के ऐतिहासिक दुर्ग पर हुआ सामूहिक योगाभ्यास, ऊर्जा मंत्री ने कही ये बड़ी बात

International Yoga Day 2023 : पूरी दुनिया की तरह ही ग्वालियर में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया, शहर में अनेक संस्थाओं ने सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किये वहीं शासन के निर्देश के चलते मुख्य कार्यक्रम ग्वालियर के ऐतिहासिक दुर्ग पर मानसिंह महल परिसर स्थित 80 खंबा वावडी क्षेत्र में आयोजित किया गया ।

9वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ग्वालियर में कई जगह सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किये गए, ग्वालियर किले पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, नगर निगम कमिश्नर हर्ष सिंह सहित अन्य कई प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और शासकीय कर्मचारी अधिकारी शामिल हुए, सभी ने रेडियो पर मिल रहे निर्देशों पर अलग अलग मुद्राएँ बनाते हुए योगाभ्यास किया।

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संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान LNIPE में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में योगाभ्यास किया, यहाँ आयोजित कार्यक्रम में LNIPE के स्टूडेंट्स और स्टाफ के अलावा बड़ी संख्या में शहर के स्कूल कॉलेज के स्टूडेंट्स शामिल हुए, सभी ने रेडियो पर मिल रहे निर्देश पर योगाभ्यास किया।

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ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उनके विधानसभा क्षेत्र में स्थित कांच मिल कम्युनिटी हॉल में योगाभ्यास किया, यहाँ कार्यक्रम का आयोजन भारतीय योग संस्थान एवं पतंजलि योग पीठ ने किया। योगाभ्यास करने के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि योग करने से हम शारीरिक रूप से स्वस्थ होते और मानसिक रूप से भी स्वस्थ होते हैं और जब मन स्वस्थ होता है तो हम अपने कर्तव्य  और उत्तरदायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर पाते हैं और जीवन को आनंदमय बनाते हैं इसलिए खुद भी योग करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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