सराफा कारोबारी और बिल्डर पारस जैन के ठिकानों पर IT Raid, सहयोगियों के यहाँ भी एक्शन

सराफा कारोबारी और बिल्डर पारस जैन के ठिकानों पर IT Raid, सहयोगियों के यहाँ भी एक्शन

Gwalior IT Raid : ग्वालियर के प्रसिद्द सराफा कारोबारी और जाने माने बिल्डर पारस जैन और उनके सहयोगियों के यहाँ आयकर विभाग ने छापा मार कार्रवाई की है, इंदौर से आधी रात को ग्वालियर पहुंची आयकर विभाग की टीमें आज सुबह करीब 4 बजे पारस जैन के मुरार स्थित घर पर पहुंची और डोर बेल बजाकर अपना परिचय देकर एक्शन में आ गई।

पारस जैन और उनके सहयोगियों के पहुंची IT टीम

आयकर विभाग के अधिकारियों की टीमें पारस जैन के घर और दफ्तर में अलग अलग बंट गई और दस्तावेजों की जाँच शुरू की, बताया जा रहा है आयकर विभाग की टीमें पारस जैन के पार्टनर प्रमोद मालू और अभिषेक सोमानी के घरों और दफ्तरों पर भी कार्रवाई कर रही है, सूत्र बताते हैं कि ये तीनों एक सरिया फैक्ट्री में पार्टनर हैं।

बड़े कारोबारी हैं पारस जैन, ग्वालियर और आसपास कई प्रोजेक्ट 

पारस जैन का परिवार सोने चांदी का व्यवसाय करने वाला शहर का प्रतिष्ठित परिवार है, पारस जैन के नाम से भी शहर में ज्वेलरी शॉप्स हैं, ये दुकानें ग्वालियर के लश्कर सराफा बाजार में और मुरार सराफा बाजार में हैं, इसके अलावा पारस जैन बड़े बिल्डर भी हैं, उनके शहर और इसके आसपास कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, पार्टनरशिप में वे कई टाउनशिप और बड़ी लक्जरी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग भी बना चुके हैं। पारस जैन का परिवार RSS और भाजपा से जुड़ा हुआ बताया जाता है।

बंटी केटरर्स के ठिकानों पर भी छापे 

आयकर विभाग की एक टीम आज शहर के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित केटरर्स “बंटी केटरर्स” के यहाँ भी पहुंची है, वो इनके दफ्तर और घर पर भी दस्तावेजों की जांच कर रही है, पिछले कुछ सालों में बंटी केटरर्स ने बड़ा नाम बनाया है। आईटी की टीम  ने अचानक छापा क्यों मारा इसकी अभी अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, विभाग के अधिकारी मीडिया के सामने नहीं आये हैं लेकिन सूत्र बताते हैं टैक्स से जुड़ी शिकायत इन छापों का आधार है, बहरहाल खबर लिखे जाने तक आईटी विभाग की तिमी दस्तावेजों की छानबीन में लगी हुई थी।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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