कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा हमला, बोले – देश का दुर्भाग्य है यहाँ विपक्ष अपरिपक्व है, राहुल पर भी साधा निशाना

कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा हमला, बोले – देश का दुर्भाग्य है यहाँ विपक्ष अपरिपक्व है, राहुल पर भी साधा निशाना

Gwalior News : भाजपा के दिग्गज नेता राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला किया है , उन्होंने राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में भारत को लेकर दिए बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि देश में इसका परिणाम राहुल को भुगतना होगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की बेटी की शादी में शामिल होने आये भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बात की, उन्होंने राहुल गांधी के डेमोक्रेसी से जुड़े बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत में डेमोक्रेसी है इसीलिए राहुल गांधी विदेश में जाकर बोल रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि इस देश में विपक्ष अपरिपक्व है, लोग विदेश में जाते हैं, तो अपने देश की तारीफ करते हैं, अपने देश नेताओं की तारीफ करते हैं, ये हमारे देश की परंपरा हमारे यहाँ रही है लेकिन विदेश में जाकर अपने देश की बुराई करना, अपने देश के नेताओं की बुराई करना ये एक नई परंपरा राहुल गांधी जी ने हमें दी है, उसके परिणाम राहुल गांधी को भुगतना होंगे।

विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा के 55 से 65 सीटों पर सिमट जाने के कांग्रेस के दावों पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कहा कांग्रेस रोज एक ट्वीट करें हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता हम 150 से ज्यादा सीटें जीतेंगे और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे, कांग्रेस के मुगालते साफ करेंगे।

ओडिशा रेल हादसे पर कांग्रेस द्वारा आरोप लगाने पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ विषय ऐसे होते हैं जिन पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, ये एक हृदय विदारक बड़ी घटना है, देश के प्रधानमंत्री ने स्वयं वहां जाकर परिस्थितियों को देखा, रेल मंत्री ने 50 से 60 घंटे बैठकर कर व्यवस्था को निपटा रहे हो, मैं समझता हूं उनकी प्रशंसा करनी चाहिए, बहुत सारे विषय हैं  राजनीति करने के लिए, ऐसे विषय जहां लोगों की जान गई हो, उनके प्रति संवेदना होनी चाहिए, उन पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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