LNIPE के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सुबह क्लास लेकर वापस लौटे थे

LNIPE के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सुबह क्लास लेकर वापस लौटे थे

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। एशिया के सबसे बड़े और प्रसिद्द खेल संस्थान LNIPE के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर ने आज हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक मथुरा का रहने वाला था और LNIPE से पीएचडी कर रहा था, अभी पिछले दिनों ही LNIPE ने कॉन्ट्रेक्ट पर असिस्टेंट प्रोफ़ेसर बतौर ज्वाइन किया था।

सीएसपी ऋषिकेश मीणा (IPS) ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ को फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि मृतक संदेश राठौड़ LNIPE से पीएचडी कर रहा था, 15 दिन पहले जिम्नास्टिक विभाग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के रूप में इसने ज्वाइन किया था। LNIPE के दीनदयाल हॉस्टल में रहता था।

ये भी पढ़ें – Online Loan App के चक्कर में फंसा मुरैना का युवक, उसकी पत्नी के न्यूड एडिट वीडियो रिश्तेदारों को भेजे

आज सुबह वो क्लास लेकर आया और कमरे को अंदर से बंद कर फांसी लगा ली। स्टाफ को  जब सूचना मिली तो दरवाजा तोड़कर नीचे उतारा और फिर जयारोग्य अस्पताल लेकर गये जहाँ डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर गोला का मंदिर थाना पुलिस LNIPE पहुंची और जांच शुरू की, शुरुआती जांच में आत्महत्या का ही केस  दिखाई दे रहा है। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाकर एविडेंस लिए हैं अभी कोई सुसाइड  नोट भी नहीं मिला है।

ये भी पढ़ें – BS-VI गाड़ियों के लिए सरकार ने जारी किये नए टेस्टिंग नियम, मांगे सुझाव

एक 24 वर्षीय अविवाहित असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के अचानक आत्महत्या करने से LNIPE में हड़कंप मच गया। पुलिस हॉस्टल वार्डन, स्टाफ के अन्य लोग, मृतक के पास में रहने वाले अन्य हॉस्टलर्स और स्टाफ से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है।

[dgv_vimeo_video id=”747269133″]

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews