Lok Sabha Election 2024: जुलूस, रैली या आम सभा के लिए आदेश जारी, दो दिन पहले लेनी होगी अनुमति, नियमों का कड़ाई से करना होगा पालन

Madhya Pradesh Election House

Gwalior News : लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Election 2024) की तारीखों के ऐलान के बाद से जिला निर्वाचन अधिकारी अपने अपने जिले में निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन कराने के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग कर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर रहे हैं, ग्वालियर कलेक्टर रुचिका  चौहान ने जिले में चुनाव के दौरान होने वाले जुलूस, रैली या आम सभा के आयोजन के लिए आदेश जारी किये हैं।

कलेक्टर ने जारी किया धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश 

ग्वालियर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।  उन्होंने आदेश दिया है कि लोकसभा निर्वाचन के दौरान जिले में बगैर पूर्व अनुमति के जुलूस, रैली या आमसभा आदि का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। ये आदेश आचार संहिता जारी होने की दिनांक से चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के तहत दण्डनीय होगा।

जुलूस, रैली व आमसभा की दो दिन पहले SDM से लेनी होगी अनुमति 

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जुलूस, रैली व आमसभा इत्यादि के आयोजन की तिथि से कम से कम दो दिन पहले विस्तृत जानकारी के साथ संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी के यहाँ अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत करना होगा। एक से अधिक अनुविभाग का क्षेत्र होने पर अनुमति देने के लिये अपर जिला दण्डाधिकारी को अधिकृत किया गया है। वहाँ से अनुमति मिलने के बाद ही आयोजन किया जा सकेगा। आयोजन की अनुमति “पहले आओ-पहले पाओ” के सिद्धांत पर दी जायेगी। धार्मिक व सामाजिक आयोजनों के लिए भी इसी तरह अनुमति लेनी होगी।

सड़क पर बाई तरफ निकलना होगा जुलूस, निर्देशों का करना होगा पालन 

जुलूस व मोटर साइकिल रैली इत्यादि की अनुमति के लिए दिए जाने वाले आवेदन में जुलूस व रैली का प्रारंभ स्थल, स्थान, मार्ग व समापन स्थल सहित सम्पूर्ण जानकारी का ब्यौरा देना होगा। इस शर्त के साथ अनुमति दी जायेगी कि जुलूस इत्यादि से यातायात बाधित न हो। यदि जुलूस लम्बा होगा तो कम लम्बाई वाले टुकड़ों में संगठित करना होगा। जुलूस सड़क की बाँईं ओर निकालना होगा और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के निर्देश व सलाह का कड़ाई से पालन भी करना होगा। किसी भी राजनैतिक दल के नेताओं के पुतलों को सार्वजनिक स्थान पर जलाने और इसी प्रकार के अन्य प्रदर्शनों की अनुमति इसमें शामिल नहीं रहेगी।

अस्त्र शस्त्र लेकर चलना रहेगा प्रतिबंधित 

प्रतिबंधात्मक आदेश में यह भी साफ किया गया है कि कोई भी व्यक्ति अपने आग्नेयास्त्र जैसे रिवॉल्वर, पिस्टल, एमएलएन, बीएल गन, रायफल एवं कारतूस एवं अन्य तेज धार वाले घातक अस्त्र मसलन फरसा, तलवार, भाला, चाकू, छुरा, बरछी, लोहगी, लाठी, डंडा आदि लेकर नहीं चल सकेगा। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर इनका प्रदर्शन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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