ऊर्जा मंत्री का बेटा बनकर जमाई धौंस, अफसरों को लगाये फोन, लगवा लिया ट्रांसफार्मर, अब सलाखों के पीछे

ऊर्जा मंत्री का बेटा बनकर जमाई धौंस, अफसरों को लगाये फोन, लगवा लिया ट्रांसफार्मर, अब सलाखों के पीछे

Gwalior News : प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार उनकी चर्चा का कारण उनकी कार्यशैली नहीं है कुछ अलग है, दर असल पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है जो ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे के नाम का इस्तेमाल कर रहा था, उसने बिजली कंपनी के अफसरों को धमकाकर अपने गाँव में ट्रांसफार्मर तक लगवा लिया, जब अफसरों को शक हुआ तो फिर मामला पुलिस तक पहुंचा और फिर क्राइम ब्रांच ने युवक को गिरफ्तार कर लिया।

ग्वालियर में जालसाजी, फ्रॉड और साइबर क्राइम का एक अनोखा मामला सामने आया है, आरोपी मात्र 12 पास है लेकिन इसने दिमाग बहुत शातिराना लगाया, आरोपी रामबरन बंजारा ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे रिपुदमन सिंह उर्फ़ सागर के नाम का इस्तेमाल कर ना सिर्फ बिजली अफसरों को पोस्टिंग के लियर सिफारिश की बल्कि उन्हें धमकाकर एक ट्रांसफार्मर भी लगवा लिया।

शातिर आरोपी अपने इस काम को बहुत ही बेख़ौफ़ होकर अंजाम दे रहा था, उसने इसके लिए ना सिर्फ ऊर्जा मंत्री के बेटे रिपुदमन सिंह उर्फ़ सागर के नाम का इस्तेमाल किया बल्कि अपने नंबर पर उसका फोटो यानि डीपी भी लगाईं साथ ही अपना नंबर तरु कॉलर पर रिपुदमन के नाम से सेव किया जिससे बिजली अफसर के आपस यदि फोन पहुंचे तो नाम और चेहरा रिपुदमन ही आये।

फोन कर मन चाहे काम हो जाने से उसकी हिम्मत बढ़ गई और वो बार बार सिफारिशी फोन करने लगा, इसी बीच उसके फोन कुछ ऐसे अफसरों के पास भी पहुंचे जो ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के नजदीकी हैं और उनके बेटे को भी जानते हैं उसके व्यवहार को भी जानते हैं, तो उन्हें शक हुआ।

अगली बार जब फोन आया तो उन्होंने अपने शक को कन्फर्म करने के लिए उससे कुछ देर तक बात की और फिर उसकी देहाती भाषा से कन्फर्म हो गया कि कोई शातिर जालसाज रिपुदमन सिंह के नाम का इस्तेमाल कर रहा है। मामला तत्काल ऊर्जा मंत्री के संज्ञान में लाया गया उन्होंने बेटे से बात की उसके बाद कल बुधवार को रिपुदमन सिंह ने साइबर क्राइम ब्रांच में अपनी शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने रात को हो आरोपी रामबरन बंजारे को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जखा सिमरिया गांव का रहने वाला है पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि अब तक वो कितने लोगों को ऐसे धमकाकर अपने काम करवा चुका है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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