जहां माता पिता ने रिश्ता तय किया वो नहीं था पसंद, प्रेमी के साथ भाग कर नाबालिग ने की शादी, पुलिस ने झांसी से पकड़ा 

Gwalior News

Gwalior News : ग्वालियर से करीब 20 दिन पहले भागी एक नाबालिग को ग्वालियर पुलिस ने झांसी में ढूंढ निकाला, वो यहाँ अपने प्रेमी के साथ पत्नी के रूप में रह रही थी,पुलिस ने जब उसके दस्तावेज चैक किये तो उसकी उम्र 18 साल से कम निकली यानि वो नाबालिग थी, जिसके बाद मेडिकल के आधार पर पुलिस ने उसके साथ मिले युवक पर दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और बंधक बनाकर रखने का मामला दर्ज का रूसे गिरफ्तार कर लिया है।

सीएसपी शुभ्रा श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 फरवरी को को एक गुमशुदगी दर्ज थी , पुलिस तभी से लगातार लड़की को दस्तियाब (पता लगाकर वापस लाने) करने की कोशिश में थी, इसी दौरान पुलिस को पता चला कि लड़की का पड़ोसी भी गायब है पुलिस ने लड़के का मोबाइल सर्विलांस पर डाल दिया।

शादी कर झाँसी में पति पत्नी के रूप में रह रहे थे 

शुरू में कुछ दिन लड़के ने मोबाइल बंद रखा लेकिन पिछले दिनों जैसे ही उसने मोबाइल ऑन किया उसकी लोकेशन पुलिस को पता चल गई, पुलिस लोकेशन का पता लगाकर झांसी पहुंच गई और दोनों को पकड़कर ग्वालियर ले आई, वे शादी कर वहां पति पत्नी के रूप में रह रहे थे,   शुरूआती जांच में लड़की ने बताया कि उसके माता पिता ने उसकी पसंद के लड़के को छोड़कर दूसरी जगह शादी तय कर दी थी , शादी 7 फरवरी को थी इसलिए वो उससे पहले भाग गई।

प्रेमी पर दुष्कर्म, पॉक्सो और बंधक बनाने का मामला दर्ज

उसने पुलिस को बताया कि वो जिसे पसंद करती है उसी के साथ उसने शादी की है और उसी के साथ रहना चाहती है लेकिन जब पुलिस ने उसके दस्तावेज चैक किये तो उसकी उम्र 18 साल से कम निकली तो मामला बदल गया, पुलिस ने लड़की का मेडिकल कराया फिर उसके साथ पकड़े गए युवक के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो और बंधक बनाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी नाबालिग की बड़ी बहन के जेठ का लड़का है। जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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